फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मजदूर के बेटों को आईआईटी में मिली बेहतर रैंक, पिता के पास फीस के लिए पैसे नहीं

Sun, 21 Jun 2015 02:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
सांगीपुर(ब्यूरो)। प्रतिभा पैसे या सुविधाओं की मोहताज नहीं होती। न ही गांव और शहर में भेद करती है। यह साबित क र दिखाया एक मजदूर के दो बेटों ने। आईआईटी प्रवेश परीक्षा में बेहतर स्थान हासिल करने वाले ये दोनों मेधावी लालगंज तहसील के रेहुआलालगंज गांव के रहने वाले हैं। दोनों छात्रों और उसके पिता के सामने फीस भरने की परेशानी थी, लेकिन अब वह भी दूर हो गई है। इन बच्चों को आगे पढ़ाने के लिए न सिर्फ यूपी सरकार आगे आई है, बल्कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी अपने कदम बढ़ाए हैं। राहुल ने शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे दोनों छात्रों से बातकर उनकी सफलता के लिए बधाई दी और आगे पढ़ाने की जिम्मेदारी भी लेने की बात कही। राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और रामपुर खास की विधायक मोना तिवारी ने भी उनकी पढ़ाई में पैसे की कमी आड़े नहीं आने देने की बात कही है।
विज्ञापन


 लालगंज तहसील के उदयपुर थाना क्षेत्र स्थित रेहुआलालगंज निवासी धर्मराज सरोज के पास एक धूर भी जमीन नहीं है। किसी तरह छप्परनुमा घर में पूरा परिवार रहता है। घर में धर्मराज के अलावा पत्नी, पांच बेटे, एक बेटी और बूढ़े मां-बाप हैं। सब का खर्चा गांव में रहकर चलाना आसान नहीं था। ऐसे में धर्मराज सूरत जाकर मजदूरी करने लगे। परिवार के लोग बकरी पालन के साथ मजदूरी कर किसी तरह परिवार की गाड़ी खींच रहे हैं। धर्मराज के  दूसरे नंबर का बेटा बृजेश व तीसरे नंबर का राजू शुरू से ही प्रतिभाशाली थे। दोनों का चयन नवोदय विद्यालय में हुआ था। नवोदय विद्यालय में चयन होने से फीस और खानपान का खर्च धर्मराज को नहीं उठाना पड़ता था। बृजेश नवोदय विद्यालय लखनऊ से इंटर करने के बाद आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बैठा और 410 वीं रैंक हासिल की। इसी प्रकार राजू नवोदय विद्यालय हैदराबाद से इंटर करने के बाद अपने भाई के साथ आईआईटी की प्रवेश परीक्षा में बैठा और 167वीं रैंक हासिल की। आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्था में चयन होने पर पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ पड़ी, लेकिन इसके साथ ही एक नई मुसीबत खड़ी हो गई। पढ़ाई के लिए भारी भरकम फीस की चिंता सताने लगी। राजू और बृजेश की मां प्रेमकुमारी, बाबा शिवनाथ, दादी महरानी समेत गांव के तमाम लोग काफी चिंतित हो गए। इसकी जानकारी मिलने पर राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी व विधायक आराधना मिश्रा मोना ने बृजेश और राजू की शानदार सफलता पर परिवार को बधाई दी। दोनों होनहार बच्चों को सहयोग का आश्वासन दिया। प्रमोद तिवारी व आराधना मिश्रा ने कहा कि दोनों होनहार देश या विदेश में जहां भी आगे की पढ़ाई करना चाहें, सारा खर्च वे खुद उठाएंगे। सोमवार को सांसद प्रमोद तिवारी धर्मराज के बेटों को बधाई देने व सम्मानित करने रेहुआ लालगंज जाएंगे। राजू और बृजेश के घर प्रमोद तिवारी के मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल, रामकृपाल सरोज, महेंद्र सिंह, ग्राम प्रधान अमरनाथ पाल समेत कई लोगों ने जाकर बधाई दी। वहीं शनिवार सुबह करीब साढ़े दस बजे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने राजू के मोबाइल पर फोनकर उसे बधाई दी और दोनों की पढ़ाई का खर्च वहन करने का वादा किया। उनके फोन करने के कुछ देर बाद स्थानीय बैंक कर्मियों ने राजू के घर जाकर दोनों का खाता खोला।

राजू और बृजेश को सम्मानित करेंगे मुख्यमंत्री
सांगीपुर(ब्यूरो)। रेहुआलालगंज निवासी धर्मराज के बेटे बृजेश व राजू को सम्मानित करने का फैसला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लिया है। सीएम का संदेश लेकर शनिवार को एसडीएम योगेंद्र सिंह रेहुआलालगंज गांव पहुंचे। उन्होंने जब बताया कि सीएम प्रतिभाशाली दोनों बच्चों को सम्मानित करना चाह रहे हैं तो धर्मराज व उनकी पत्नी प्रेम कुमारी की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए। दोनों ने यह सोचा नहीं था कि उनके होनहार बेटे इस मुकाम तक पहुंच पाएंगे। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी रविवार को दोनों बच्चों को लेकर मुख्यमंत्री के पास जाएंगे। डीएम ने बताया कि दोनों को मुख्यमंत्री सम्मानित करने के साथ ही पढ़ाई के खर्च के लिए भी व्यवस्था करेंगे।
विज्ञापन


होनहारों की मदद के लिए आगे आए इफको के एमडी
प्रतापगढ़। आईआईटी प्रवेश परीक्षा में बेहतर रैंक हासिल करने वाले बृजेश और राजू की आगे की पढ़ाई के लिए इफको के एमडी उदयशंकर अवस्थी भी आगे आए हैं। दोनों के परिवार की माली हालत और पढ़ाई के लिए आगे आने वाली पैसों की कमी को देखते हुए उन्होंने एक लाख रुपये देने की घोषणा की है। प्रतापगढ़ में इफको के फील्ड आफीसर सत्यवीर सिंह ने बताया कि बच्चों को जल्द ही धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।

इंजीनियर बन देश की सेवा करना चाहता है राजू
सांगीपुर(ब्यूरो)। आईआईटी में 167 वीं रैंक हासिल करने वाले राजू का जन्म वर्ष 1997 में हुआ था। कक्षा 10 तक नवोदय विद्यालय नरायनपुर में पढ़ने के बाद वह नवोदय विद्यालय हैदराबाद चला गया। वहां उसने इंटर की पढ़ाई करने के साथ ही आईआईटी की तैयारी की। पहले प्रयास में ही राजू का चयन आईआईटी में हो गया। इसी प्रकार दूसरा भाई बृजेश भी कक्षा दस तक नवोदय विद्यालय नरायनपुर में पढ़ने के बाद इंटर की पढ़ाई नवोदय विद्यालय लखनऊ चला गया। इंटर की परीक्षा हो जाने के बाद बृजेश ने भी आईआईटी की प्रवेश परीक्षा की तैयारी की और 410 वीं रैंक हासिल की। शनिवार को राजू माता-पिता के साथ घर में मिला। बृजेश किसी काम से पटना चला गया है। राजू का कहना है कि उसके माता-पिता बहुत गरीब हैं। किसी तरह से दोनों भाइयों को पढ़ाया। वह आगे चलकर एक सफल इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहता है।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें