लालगंज के भवराम बोझी में अपात्रों की जांच करने पहुँचे सफाई कर्मचारी।
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भवराम बोझी में अपात्रों को रेवड़ी की तरह शौचालय बांटने के मामले की जांच सफाईकर्मियों के हवाले कर दी गई है। अफसरों की गैरमौजूदगी में सफाईकर्मी जांच कर रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारी को बचाने के लिए ब्लॉक के लापरवाह अफसरों ने नियम कानून को ताक पर रख दिए हैं। जांच में लीपापोती को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश पनप रहा है।
लालगंज विकास खंड के भवराम बोझी में पात्रता सूची से खिलवाड़ किया गया है। मानकों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी कर्मचारी, विभिन्न नौकरियों से रिटायर कर्मचारियों समेत कई अपात्रों को रेवड़ी की तरह शौचालय बांट दिए गए।
प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची को दरकिनार कर मनमाने तरीके से चहेतों को लाभ देने का प्रयास किया गया। गांव के सचिन पांडेय व अनुज कुमार मिश्र आदि ने ग्राम विकास अधिकारी पूजा मिश्रा व प्रधान पर धनउगाही करते हुए चहेतों को लाभ देने का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री समेत आला अफसरों को शिकायती पत्र दिए थे।
अमर उजाला ने 27 जनवरी के अंक में इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया तो हड़कंप मच गया। अफसरों ने बीडीओ मुनौवर खान को फटकार लगाते हुए जांच के निर्देश दिए। लेकिन खुद जाने के बजाय जांच सफाईकर्मियों के हवाले कर दी। शनिवार से सफाईकर्मियों ने गांव पहुंचकर जांच भी शुरू कर दी। यह देख ग्रामीणों मेें आक्रोश पनप उठा।
इनमें कुछ ऐसे सफाईकर्मी भी थे, जो लाभार्थियों का नाम तक नहीं पढ़ पा रहे थे। ग्रामीणों का आरोप है कि ब्लॉक के अफसरों की यह सारी कवायद ग्राम विकास अधिकारी को बचाने के लिए की जा रही है। इस बारे में बीडीओ मुनौवर खान ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। संवाद