पट्टी कोतवाली क्षेत्र के सरायमधई गांव में बुधवार को तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत के बाद गायब हुई उनकी मां गुरुवार को रहस्यमय ढंग से लौट आई। पुलिस दावा करती रही कि महिला को वह ढूंढ़कर लाई। उसने पुलिस को बताया कि सास से झगड़े के बाद वह बच्चों को लेकर घर से निकली और तालाब में कूद गई। इस दौरान बच्चे डूब गए लेकिन वह बच गई। ससुरालवालों के डर से वह भागकर रिश्तेदार पहुंच गई। कई घंटे पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया। हालांकि ससुरालवालों ने उसे अपनाने से इंकार कर दिया जिस पर उसे उसके भाई के साथ मायके भेज दिया गया।
सरायमधई गांव में बुधवार सुबह बृजेश गुप्ता के घर के करीब स्थित तालाब में उसके दो मासूम बच्चों पलक व अंश का शव मिला था जबकि पत्नी सुशीला गायब थी।
तालाब के किनारे उसकी चप्पल मिली थी। देर शाम तक ग्रामीण उसे खोजने के लिए तालाब में जाल डालते रहे। गुरुवार सुबह मकरा मनभवना रिश्तेदारी में सुशीला के पहुंचने की बात परिवार के लोगों को पता चली। उसे लेने के लिए गांव वाले परिजनों के साथ मकरा मनभवना गांव पहुंचे। वहां पूछताछ के बाद उसे लेकर लोग घर लौटे और घटना की बाबत पूछताछ करने लगे, लेकिन वह चुप्पी साधे रही। सूचना मिलने पर पट्टी पुलिस सरायमधई पहुंची और उसे पूछताछ के लिए अपने साथ कोतवाली ले आई। जहां कोतवाल संजय सिंह उससे घंटों पूछताछ करते रहे।
सुशीला ने बताया कि किसी तर बचकर वह तालाब से बाहर निकी तो रास्ते में सोनहट गांव के रहने वाले हीरालाल ने उसकी हालत देखकर उसे रोका और उसकी आपबीती सुनने के बाद उसकी बुआ के घर मकरा मनभवना गांव में सूचना दी। सूचना मिलने के बाद बुआ के घरवाले पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए। जब इस बात की जानकारी रिश्तेदारों को हुई तो उन लोगों ने बुधवार की रात में ही बृजेश के घरवालों को सूचना दी। कोतवाल संजय सिंह ने बताया कि सुशीला की दिमागी हालत भी ठीक नही है। किसी ने कोई तहरीर
नहीं दी है।
सुशीला ने बताया कि सास व देवर से आए दिन घर के सामानों को लेकर उसका विवाद होता रहता था। जिससे वह परेशान हो चुकी थी। घरेलू कलह के चलते वह बच्चों के साथ खुदकुशी करने के लिए तालाब में कूद गई। पानी में डूबने के दौरान बच्चे अलग हो गए और वह किनारे आ गई। उसने बच्चों को कुछ देर तक खोजा भी, लेकिन वे नहीं दिखे। परिजनों के भय से वह भाग निकली।