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Pratapgarh News: महिला अस्पताल... पहले पर्ची फिर ओपीडी की कतार

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महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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सुबह आठ बजते ही महिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों, गर्भवती महिलाओं की भीड़ जुट गई। शुक्रवार को पहले पर्ची के लिए कतार में लगना पड़ा। इसके बाद डॉक्टर को दिखाने के लिए कई महिलाओं को डेढ़ से दो घंटे का इंतजार करना पड़ा।
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महज दो ओपीडी कक्ष होने की वजह से मरीज को खासी दिक्कत हुई। सुबह नौ बजे तक दो एसआर और दो जेआर ड्यूटी पर पहुंचे। इस दौरान इलाज कराने वाले मरीजों की कतार सीढ़ियों तक पहुंच चुकी थी।
संवाद न्यूज एजेंसी की पड़ताल में अस्पताल में दवा काउंटर से लेकर पर्ची काउंटर तक कई अव्यवस्थाएं मिलीं। मरीजों के बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। मरीज अस्पताल परिसर के बाद बैठे नजर आए।
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वहीं, दोपहर 12 बजे कतार में करीब 45 मिनट खड़ी रहने के बाद एक महिला चक्कर खाकर गिर गई। यह देख सब हैरानी में पड़ गए। आसपास ने मुंह पर पानी छिड़का तो महिला मरीज होश में आई। उसे लोगों ने पानी पिलाया।
दो ओपीडी में मरीजों का इलाज करते रहे चार डॉक्टर
दो ओपीडी कक्ष में चार डॉक्टर मरीजों का इलाज करते दिखे। हर डॉक्टर ने करीब 100 मरीजों का इलाज किया। दोपहर एक बजे तक 409 महिलाओं का उपचार हुआ।
100 महिलाओं की नहीं हुई जांच
प्रिंटर का पेपर खत्म होने से ऑनलाइन पर्ची नहीं बन पाई। काउंटर से मरीजों को ऑफलाइन पर्ची दी गई। पैथोलॉजी के कर्मचारियों ने ऑफलाइन पर्ची से जांच करने से इन्कार कर दिया। इससे करीब 100 महिलाओं की जांच नहीं हो सकी।
वर्जन

पत्नी करिश्मा बीमार हैं। उन्हें सुबह नौ बजे अस्पताल लेकर पहुंचा। साढ़े 11 बजे तक नंबर नहीं लगा। ऐसे में अब डॉक्टर जांच लिख देंगे तो आज दवा नहीं मिल पाएगी। - आशुतोष, नेवरा मधुपुर, कंधई


सास को लेकर 10 बजे महिला अस्पताल पहुंचीं। 12 बजे तक लाइन में लगने के बाद भी डॉक्टर तक नहीं पहुंच पाई हूं। खड़े होने भर की जगह नहीं मिल रही है। - निशा, मानधाता।
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सुबह आठ बजे पर्ची कटाने के लिए लाइन में लगी। दोपहर करीब 12 बजे डॉक्टर के पास पहुंची तो उन्होंने खून की जांच लिख दी। जिस पर्ची पर जांच लिखी गई है, उसे पैथोलॉजी कर्मी ले नहीं रहे हैं। - रूबी, भुपियामऊ।
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ऑपरेशन के बाद टांके का दर्द हो रहा है। इलाज कराने 10 बजे अस्पताल पहुंची। साढ़े 12 बजने वाले हैं, अभी तक इंतजार ही कर रही हूं। मेरे साथ बिहारगंज की सुमित्रा भी आई हैं। पांच दिन से आ रही हैं लेकिन इलाज नहीं हो सका। अब वह निजी अस्पताल में इलाज कराने रही हैं।
- जनक लली, पारा हमीदपुर फतेहपुर

वर्जन

ओपीडी में कक्ष कम हैं। पर्ची और दवा काउंटर पास में होने से जगह कम पड़ती है। एक मरीज देखने में 5 से 10 मिनट लगते हैं इसलिए लाइन लंबी होती है। जनवरी से क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होगी तो दबाव कम होगा। ऑनलाइन पर्ची की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। पेपर मंगवा कर मुहैया कराया गया है। - डॉ. रमेश पांडेय, सीएमएस।

महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

महिला अस्पताल ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद

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