बारिश के बाद भी तल्ख धूप और गर्मी से महिला अस्पताल के वार्ड उबल रहे हैं। यहां गर्मी से निपटने के इंतजाम नाकाफी दिखे। बृहस्पतिवार दोपहर 12 बजे की गई पड़ताल में अस्पताल के दूसरे तल पर स्थित जनरल और तीसरे तल पर स्थित सर्जिकल वार्ड में कूलर तक की उचित व्यवस्था नहीं दिखी।
एक छोटे से वार्ड में हवा पहुंचाने की नाकाम कोशिश की जा रही थी। छत के पंखे की गति भी धीमी थी। जिस कारण वार्ड में भर्ती प्रसूताएं पसीने से तरबतर रहीं। तीमारदार घर से फर्राटा, टेबल फैन और हाथ के पंखे से गर्मी से बचने की कोशिश कर रहे थे।
वहीं, एसएनसीयू में भर्ती नवजात की माताओं के लिए अलग वार्ड नहीं है। बरामदे में पंखे की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे महिलाओं को खासी दिक्कत हो रही है।
बोले लोग
चार दिन पहले पत्नी का ऑपरेशन हुआ। वार्ड में एक छोटा कूलर लगा है। उमस इतनी थी कि कूलर की हवा अपर्याप्त थी। - प्रदीप सिंह, मानधाता।
पंखे रेंग रहे हैं, कूलर काम नहीं कर रहा। चार दिन पहले ऑपरेशन हुआ है। गर्मी से हाल बेहाल है। - प्रिया सिंह, उड़ैयाडीह
वर्जन-
एसी की खरीद की गई है। विभागीय जांच की वजह से संस्था ने लगाने से मना कर दिया। सभी वार्ड में एक-एक बड़े कूलर लगवाने के निर्देश सीएमएस को दिए गए हैं। - डॉ. सोमनाथ, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
महिला अस्पताल में जमीन पर पड़े गर्मी से बेहाल तीमारदार। संवाद
महिला अस्पताल में जमीन पर पड़े गर्मी से बेहाल तीमारदार। संवाद
महिला अस्पताल में जमीन पर पड़े गर्मी से बेहाल तीमारदार। संवाद