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महिला स्वयं सहायता समूहों का बढ़ेगा दायरा, मिलेगा रोजगार

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प्रतापगढ़। महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। नारी शक्ति को मजबूत करने और रोजगार मुहैया कराने के लिए जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में स्थापित होने वाली 141 पेयजल इकाईयों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों के हवाले किया जाएगा। इससे महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही समाज में सम्मान भी मिलेगा।
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को अभी तक सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानें, आंगनबाड़ी केंद्रों को ड्राई राशन पहुंचाने, सामुदायिक शौचालयों के संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी। मगर अब शासन ने जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले के 17 विकास खंड़ो में स्थापित होने वाली पेयजल योजनाओं के संचालन की जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को देने का फैसला लिया है।
सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक जिले के प्रत्येक घर को नल से जल पहुंचाने के लिए जलजीवन मिशन योजना प्रारंभ की गई है। पहले चरण में जिले में 141 परियोजनाओं की स्थापना होनी है। इन पेयजल इकाईयों के पूरी तरह बनकर तैयार होने के बाद महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को इसके देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। शासन के इस फैसले से महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ ही उनका आत्मबल भी बढ़ेगा।
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1346 समूहों का हो चुका है गठन
जिले में महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन का कार्य तेजी से हो रहा है। अभी तक 1346 समूहों की स्थापना हो चुकी है। एक समूह में कम से कम दस महिलाएं और अधिकतम पंद्रह महिलाएं शामिल हैं। गांव की महिलाएं रोजगार से जुड़ने के लिए स्वंय सहायता समूहों में शामिल होना पसंद करती हैं। महिलाओं को रोजगार मिलने से परिजनों की ओर से भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
परिवार की आय दोगुनी करने के लिए व्यवसाय से जुड़ी महिलाएं
परिवार की आय दो गुनी करने के लिए ग्रामीण इलाकों की लगभग पांच हजार महिलाएं व्यवसाय से जुड़ गई हैं। बैंकों से ऋण लेकर बकरी पालन, मुर्गी पालन के साथ ही गांव में जनरल स्टोर, सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें खोल रखी हैं। कम ब्याज दर पर समूहों से मिलने वाले ऋण को प्रतिमाह किस्त अदा करके ऋण की अदायगी भी कर रही हैं।
वर्जन------------------
महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने के लिए शासन ने कई कठोर फैसले लिए हैं। पेयजल इकाइयों के संचालन की जिम्मेदारी महिलाओं को मिलने से उनकी कार्यक्षमता में वृद्घि होगी और रोजगार मिलेगा। ऐसा देखने को मिलता है कि पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक जिम्मेदारी से कार्य करतीं हैं।
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डॉ. एनएन मिश्रा, डीसी, स्वत: रोजगार
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