शहरी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार शुरू करने के लिए ऋण मुहैया कराया जाएगा। ऋण प्राप्त कर महिलाएं स्वयं का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकेंगी। सस्ते ब्याज दर पर उपलब्ध ऋण की भरपाई भी महिलाएं आसान किस्तों में कर सकेंगी।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन की ओर से महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की पहल की जा रही है। एक समूह में दस से 20 महिलाओं को शामिल किया जाता है। समूह की महिलाएं आपस में मिलकर बचत करती हैं। छोटी-छोटी जरुरतों के लिए एक दूसरे को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। शहरी आजीविका मिशन की महिलाएं आचार बनाने से लेकर कपड़े का बैग तक तैयार कर रहीं है। जिला मिशन प्रबंधक आनंद मौर्य ने बताया कि योजना के तहत दो लाख रुपये ऋण उपलब्ध कराया जाता है। ऋण से महिलाएं स्थायी दुकान का संचालन कर सकती हैं।