जिला महिला अस्पताल का सामान ट्रक से जौनपुर भेजने के मामले में जिला महिला अस्पताल की सीएमएस पर गाज गिर सकती है। दो दिन पहले जांच करने के लिए आए जेडी की रिपोर्ट को शासन ने खारिज कर दिया है।
सूत्रों की मानें तो जेडी अपनी जांच में कर्मचारियों को ही दोषी ठहरा रहे थे। अब एडी को मामले की जांच सौंपी गई है। गुरुवार को करीब आठ घंटे तक एडी ने सीएमओ के साथ महिला अस्पताल के कर्मचारियों से पूछताछ की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ ही कुछ दस्तावेज लेकर चले गए।
जिला महिला अस्पताल की सीएमएस रीता दूबे बीते शनिवार को स्टोररूम में रखे फर्नीचर, बेड के गद्दे समेत लाखों रुपये के सामान ट्रक पर लदवाकर जौनपुर भेजवा रही थीं। बलीपुर स्थित एक पेट्रोलपंप के पास लोगों ने ट्रक को पकड़ लिया। पुलिस को सूचना दी। पुलिस सरकारी अस्पताल का सामान लदे ट्रक को कोतवाली ले गई।
हालांकि रविवार देर रात छोड़ भी दिया। सीएमएस ने सामान को फिर से स्टोर रूम में रखवा दिया। मामले को लेकर वह हर दिन अलग-अलग बयान देती रहीं। मामला मीडिया में आने के बाद शासन ने संज्ञान ले लिया तो एडी ने जेडी को जांच करने के लिए भेजा। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की मानी जाए तो जेडी ने सीएमएस के बचाव और कर्मचारियों को फंसाते हुए अपनी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेज दी।
शासन ने जेडी की जांच रिपोर्ट को खारिज कर दिया। अब इसकी जांच एडी एके पालीवाल को सौंप दी गई है। शासन से मिले आदेश के बाद गुरुवार सुबह साढ़े 11 बजे एडी जिला महिला अस्पताल पहुंचे। खबर मिलते ही सीएमओ भी पहुंच गए। इस दौरान पता चला कि सीएमएस छुट्टी पर हैं।
इस पर एडी ने स्टोर कीपर संजय कुमार और चौकीदार बोलबम से करीब आठ घंटे तक पूछताछ की। उनके बयान को रिकार्ड किया। इसके बाद सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और कुछ दस्तावेज लेकर प्रयागराज चले गए। एडी की जांच से महिला अस्पताल के कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों का मानना है कि महिला सीएमएस पर गाज गिरनी तय है।
मैंने अपनी जांच रिपोर्ट डीएम के साथ एडी के पास भेज दी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एडी खुद ही जांच कर रहे हैं। जांच के बाद यदि मामला सत्य पाया जाता है तो सीएमएस के खिलाफ कार्रवाई तय है।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।
पहले जेडी और सीएमओ से मामले की जांच कराई गई। शासन ने जेडी की जांच को खारिज कर दिया। अब मुझे जांच मिली है। महिला सीएमएस नहीं मिली। उनका बयान लेने के बाद शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
एके पालीवाल, अपर स्वास्थ्य निदेशक, प्रयागराज।