मुंबई से हॉलीडे स्पेशल ट्रेन से प्रतापगढ़ भतीजे की शादी में शामिल होने आई मां-बेटी के बैग से ट्रेन में चोरी होने के मामले में 58 दिन बीतने के बावजूद जीआरपी कुछ नहीं कर पाई। इस दौरान विवेचक का आधा काम खुद पीड़िता ने बड़ी मशक्कत और सूझबूझ से करके दिया। फिर भी इतने दिन बीत जाने के बाद भी विवेचक का बेतुका बयान आया है कि सीसीटीवी फुटेज में दिखे चोर अब जब कभी दोबारा दिखेंगे तो पकड़े जाएंगे। इतना ही नहीं चोरों पर इनाम रखने की रकम भी विवेचक ने पीड़िता से ही मांग ली।
रानीगंज थाना क्षेत्र के संडौरा निवासी मधु पांडेय खुद भी नौकरी करती हैं और उनके पति भी एयरपोर्ट में काम करते हैं। गांव में 11 जून को उनके भतीजे की शादी थी। शादी में शामिल होने के लिए 31 मई को अपनी 13 वर्ष की बेटी गौरी पांडेय को लेकर हॉलीडे स्पेशल ट्रेन से आईं थीं। 31 मई को मुंबई से ट्रेन रवाना हुई थी। दो जून को सुबह नौ बजे ट्रेन प्रतापगढ़ पहुंची थीं।
प्रतापगढ़ जंक्शन पर ट्रेन से उतरते समय मधु के बैग में रखे करीब साढ़े तीन लाख के जेवरात चोरों ने पार कर दिए थे। पीड़िता ने शिकायत की तो पहले जीआरपी ने रिपोर्ट नहीं दर्ज की। जब पीड़िता ने रेल मंत्रालय को प्रकरण ट्वीट कर दिया तो अगले दिन 3 जून को एफआईआर दर्ज की गई।
पीड़िता मधु ने जीआरपी को बताया कि ट्रेन कोच के अंदर सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, जिससे जरिए आरोपियों की पहचान की जा सकती है। मशक्कत से बचने के लिए पुलिस ने ट्रेन में कैमरे होने से इन्कार कर दिया। बाद में जब महिला ने मुंबई रेलवे पुलिस से संपर्क किया। तो मुंबई से प्रतापगढ़ तक के बीच की 120 घंटे की वीडियाे क्लिप एक पेन ड्राइव में यहां की जीआरपी को दी।
इस पर भी किसी ने 120 घंटे का वीडियो देखने की जहमत नहीं जुटाई तो मधु ने खुद ही पूरा वीडियो देखकर बताया कि लखनऊ से चोर ट्रेन में बिना आरक्षण के चढ़े और उन्होंने ही बैग से चोरी की।
हॉलीडे स्पेशल ट्रेन पर लखनऊ से सवार हुए चोर
ट्रेन के सीसीटीवी कैमरा में कैद चोरों की संख्या छह है। वे लखनऊ से ट्रेन पर सवार हुए थे। प्रतापगढ़ ट्रेन पहुंचने वाली थी कि इसी बीच मधु पांडेय अपना समान उठाकर गेट के पास करने लगीं। इस दौरान एक चोर उनका बैग उठाकर बार-बार बाथरूम की ओर करता क्लिप में दिखा। मधु के विरोध के बाद उसके अन्य साथी पहुंचे और दिखावा के लिए आपस में मारपीट करने लगे। इसी में से एक चोर ने बैग काटकर उसमें रखा पर्स पार कर दिया। जिसमें जेवरात रखे थे।
पुलिस चाहती तो अगले स्टेशन पर पकड़ में आ जाते चोर
हॉलीडे स्पेशल ट्रेन का ठहराव प्रतापगढ़ के बाद जंघई, भदोही और अंतिम स्टेशन वाराणसी है। जीआरपी चाहती तो इन तीनों स्टेशनों पर अपनी टीम लगाकर चोरों को पकड़ लेती। मगर पुलिस ने ऐसा करना उचित नहीं समझा। मधुने बताया कि रेलवे पुलिस उसके मोबाइल नंबर को ब्लैक लिस्ट में डाल दिया है। जिससे बात न हो सके। इससे वह परेशान हैं। यदि सप्ताह भर के अंदर आरोपी पकड़ में नहीं आते हैं तो रेल मंत्री से मुलाकात कर प्रतापगढ़ रेलवे पुलिस की शिकायत दर्ज कराएगी। इस मामले में विवेचक रामजीत से बात की गई तो उन्होंने कहा कि जो सीसीटीवी फुटेज मिला है उसमें चेहरा साफ नहीं आ रहा है। इसलिए आरोपियों की पहचान नहीं हो पा रही है।
पुलिस का काम चोरों का पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का है। इस मामले की मैं खुद जांच करूंगा। आरोपियों की धरपकड़ के लिए अभियान चलवाया जाएगा। जांच में यदि विवेचक की लापरवाही सामने आई तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
संजीव सिन्हा, सीओ जीआरपी।