समूह से जुड़ने वाली नई महिलाओं को रोजगारपरक बनाने के लिए अचार बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद महिलाएं ऋण लेकर स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। उन्हें प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी समूह में लंबे समय से काम कर रही महिलाओं को दी गई है।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन को नए वित्तीय वर्ष में करीब एक लाख महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य जारी किया गया है। ब्लॉक मिशन प्रबंधक समूह से महिलाओं को जोड़ने में लगे हुए हैं। समूह से जुड़ने वाली नई महिलाओं को अचार और जैम बनाने का प्रशिक्षण दिए जाने की कार्य योजना तैयार की गई है। हालांकि, पहले चरण में 10 हजार महिलाओं को सात-सात दिन के अंतराल प्रशिक्षित किया जाएगा।
दरअसल समूह की करीब एक हजार महिलाएं से ही अचार, पापड़, मुरब्बा और जैम उत्पाद तैयार कर व्यवसाय कर रहीं है। इन महिलाओं को ही प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी दी गई। डीसी एनआरएलएम देव कुमार ने बताया कि समूह से जुड़ने वाली नई महिलाओं को अचार और जैम बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।