लगातार पांच बेटियों के पैदा होने से नाराज ससुरालीजनों ने विवाहिता को मायके में लाकर छोड़ दिया। काफी दिनों बाद भी उसे न ले जाने से नाराज विवाहिता ने परेशान होकर एक बच्ची के साथ कुएं में छलांग लगा दी। जब तक परिजनों के शोर पर आसपास के लोग पहुंचते और उसे बाहर निकालते तब तक दोनों की मौत हो गई थी। इसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई।
कोतवाली क्षेत्र के शेखपुर गांव निवासी विद्यासागर त्रिपाठी ने अपनी बेटी साधना की शादी इलाहाबाद के कौड़िहार में की थी। नौ साल की शादी के दौरान उसको पांच बेटियां हुईं। इसमें से दो की मौत हो चुकी थी। छोटी बेटी बेबी ढाई साल पहले हुई तो ससुराल वाले उसे लाकर मायके छोड़ गए। ग्रामीणों के अनुसार उस समय उसकी ससुराल वाले उसे घर के बाहर ही छोड़ गए थे। घर के अंदर तक नहीं गए। तब से वह मायके में ही रह रही थी। बुधवार की शाम को एक बार फिर से इस मामले पर चर्चा हो गई। दबी जुबान से लोगों ने बताया कि ससुराल जाने की संभावनाएं खत्म होती देख उसने अपनी बेटी बेबी के साथ घर के पास ही मौजूद कुएं में छलांग लगा दी। परिजनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह से दोनों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। उधर परिजनों का कहना है कि साधना मनोरोगी थी। इसकी सूचना पुलिस को भी नहीं दी गई थी।