जिले के नेता भले ही जनता के हित के लिए सक्रिय न रहें, लेकिन चहेते अधिकारियों के लिए वे जीजान लड़ा देते हैं। पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद का स्थानांतरण महज दस घंटे में ही जिले के प्रभावशाली नेताओं के दबाव में शासन को रद्द करना पड़ा। पहले भी अधिकारियों के तबादले पर नेताओं की मर्जी चली है।
शासन ने बुधवार को जिले के पुलिस अधीक्षक माधव प्रसाद वर्मा का भी स्थानांतरण लखनऊ के लिए कर दिया था। एसपी के तबादले के बाद पुलिस महकमे में कहीं खुशी तो कहीं गम का माहौल दिखा। नए एसपी के बारे में लोग जानकारी जुटाने लगे। सूत्रों की मानें तो पुलिस अधीक्षक के तबादले को लेकर सत्तादल से जुड़े नेताओं ने शासन में जोरआजमाइश की। नतीजा यह रहा कि तबादले के दस घंटे बाद शासन को अपना आदेश बदलना पड़ा। एसपी का लखनऊ के लिए हुआ तबादला रद्द कर दिया गया। जिसके बाद पुलिस विभाग के मुखिया ने राहत की सांस ली। हालांकि एसपी के तबादले के बाद खुशी जाहिर करने वाले पुलिसकर्मियों को भले ही जोर का झटका लगा। बतादें कि इसके पहले भी पुलिस अधीक्षकों का तबादला होने के बाद नेताओं ने दम दिखाया था और उनका तबादला रुकवाने में वे कामयाब भी हुए थे। फिलहाल जनपद में एसपी के रुके तबादले को लेकर चर्चाओं का बाजार
गर्म है।