महिला किसानों की आय में इजाफा करने के लिए मशरूम खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के दौरान ठहरने और भोजन की निशुल्क व्यवस्था उद्यान विभाग करेगा। प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए महिलाओं को पंजीकरण शुल्क के रूप में 50 रुपये जमा करने होंगे। वहीं, प्रशिक्षण कार्यशाला नौ सितंबर से शुरू होगी।
जिले में करीब छह लाख किसान पंजीकृत हैं। इनमें से तीन हजार महिलाएं प्रगतिशील किसान हैं। कुछ प्रगतिशील महिला किसान समूह से भी जुड़ी हुई हैं। वह कृषि सखी के रूप में कार्य करते हुए किसानों को उन्नत तकनीक से खेती करने के लिए जागरूक भी कर रही हैं।
अब प्रगतिशील महिला किसानों को उद्यान विभाग ने मशरूम की खेती का प्रशिक्षण देने की कार्य योजना तैयार की है। जिला उद्यान अधिकारी सुनील शर्मा ने बताया कि मशरूम उत्पादन का तीन दिवसीय प्रशिक्षण महिलाओं को दिया जाएगा। पारंपरिक खेती के साथ महिलाएं मशरूम की खेती कर आय में बढ़ोतरी कर सकेंगी। आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उद्यान विभाग कार्यालय में संपर्क कर महिलाएं अधिक जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।