चुप्पी तोड़े, अपराध के खिलाफ मुखर हो महिलाएं
प्रतापगढ़। अपराध पर चुप्पी साध कर बैठना भी अपराध है। इससे समस्या का हल नहीं होता, बल्कि अपराध को बढ़ावा मिलता है। जरूरत है अपराध के खिलाफ मुखर होने की। कानून के सहारे आप इससे निजात पा सकती हैं। यह बातें सोमवार को अमर उजाला अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत रानीगंज तहसील क्षेत्र स्थित आचार्य सदाशिव शिक्षण संस्थान में आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में पूर्व न्याययिक सदस्य वरिष्ठ अधिवक्ता देवेश सिंह ने कही।
उन्होंने छात्राओं को घरेलू हिंसा के बारे में जानकारी दी। कहा कि शारीरिक पीड़ा, लैंगिक दुर्व्यवहार, अपमान, मानसिक प्रताड़ना आदि घरेलू हिंसा में आता है। यदि आपके गांव, मुहल्लों व पड़ोस में कोई भी इस तरह की प्रताड़ना का शिकार हो रहा हो, या फिर आप खुद भी इसे झेल रहीं है तो कानून का सहारा लें।
प्रशासन व न्यायालय से आपको न्याय मिलेगा। एंटी रैगिंग कानून की जानकारी देते हुए पूर्व न्यायिक सदस्य देवेश सिंह ने बताया कि रैगिंग करने वाले के विरुद्ध सजा का प्राविधान है। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में यदि कोई मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता है, तो महाविद्यालय प्रबंधन या टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सकती है।
इस दौरान समानता का अधिकार, भारतीय दंड संहिता में संरक्षण कानून, महिला संरक्षण अधिनियम 2005 बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। अध्यक्षता डीएलएड प्राचार्या सोनल दूबे व संचालन बीएड विभागाध्यक्ष राजनाथ शुक्ला ने किया। इस अवसर पर निरूपमा श्रीवास्तव, प्रीती मिश्रा, सरिता मौर्या, ललिता विश्वकर्मा, गायत्री त्रिपाठी आदि मौजूद रही।
रानीगंज में अपराजिता के बैनर तले आयोजित विधिक साक्षरता शिविर में बोलते अधिवक्ता देवेश सिंह।- फोटो : PRATAPGARH