मतदान के दिन बूथों पर बिजली-पानी और शौचालय के अभाव में मतदान कर्मियों को परेेेशानी का सामना करना पड़ सकता है। लोकसभा चुनाव के लिए जिले में 2616 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 529 बूथों पर पानी तो 864 बूथों पर शौचालयों की दशा खराब है। अधिकतर बूथों पर बिजली की व्यवस्था भी नहीं है। ऐसे में तपती दोपहरी में मतदान कर्मियों के लिए चुनाव कराना आसान नहीं होगा।
जिले में 6 और 12 मई को होने वाले मतदान के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी ने पूरी ताकत झोंक दी है, लेकिन मातहत ही उन्हें गुमराह करने में लगे हैं। पूर्व में आईं सूचनाएं उस समय खारिज हो गईं, जब सेक्ट्रर मजिस्टेटों ने बूथों की हकीकत खंगाली। जिले में कई बूथों पर बिजली और शौचालय की समस्या है। कुछ ऐसे भी बूथ हैं जहां पानी की भी दिक्कत है।
सूत्रों की मानी जाए तो ज्यादातर बूथों पर बिजली की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मतदान स्थल पर अंधेरा हो सकता है। मतदानकर्मियों को चिलचिलाती दोपहरी में गर्मी से परेेेेशान होना पड़ेगा। सूत्रों के मुताबिक 920 बूथ ऐसे हैं जहां शौचालयों की दशा खराब है। कहीं शौचालय टूट गए हैं तो कहीं टैंक भरा है। कई बूथों पर पानी की भी दिक्कत है।
इन बूथों पर है समस्या
सदर विकास खंड के कोहड़ा, श्रीकांतपुर, बबुरहा, श्रीनाथपुर, बेलखरनाथ के ओझला, रसोइया, मानधाता के जलालपुर, लोहंगपट्टी, गोबरी, उमरी, प्राथमिक विद्यालय नारायनपुर, मानधाता, प्राथमिक विद्यालय सराय देवराय मानधाता, सराय मुरार सिंह मानधाता आदि बूथों पर बिजली, पानी और शौचालय नहीं है।
जिन बूथों पर बिजली, पानी और शौचालय नहीं हैं, वहां व्यवस्था कराई जा रही है। संबंधित विभाग के अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने के आदेश दिए गए हैं।
शत्रोहन वैश्य, एडीएम।