बेसिक शिक्षा विभाग में पायलट योजना के तहत चयनित अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में पाठ्यक्रम तो बेसिक शिक्षा विभाग का होगा, मगर पैटर्न सीबीएसई बोर्ड का रहेगा। शिक्षकों की तैनाती में भी विभाग का मानक लागू नहीं होगा, बल्कि सभी कक्षाओं के लिए अलग-अलग टीचर नियुक्त होंगे। विभाग प्राइमरी शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए यह पहल कर रहा है।
कान्वेंट स्कूलों की तर्ज पर अब बेसिक शिक्षा विभाग के प्राइमरी स्कूलों में भी पढ़ाई होगी। बेसिक शिक्षा विभाग ने पायलट योजना के तहत शहर के प्राइमरी स्कूल शंकरदयाल रोड और प्राइमरी स्कूल चिलबिला प्रथम का चयन किया है। इन स्कूलों में बच्चों को अंग्रेजी माध्यम से शिक्षा दी जाएगी। इन बेसिक स्कूलों के बच्चों को बातचीत भी अंग्रेजी में करनी होगी। विभाग ने जो रणनीति बनाई है उसके मुताबिक इन स्कूलों में बेसिक शिक्षा विभाग का पाठ्यक्रम तो लागू रहेगा मगर पठन-पाठन का तौर तरीका सीबीएसई के पैटर्न पर होगा। छोटे और सटीक प्रश्न होने से बच्चों को समझने में कोई कठिनाई नहीं होगी। विभागीय लोगों का मानना है कि गांव के बच्चे अंग्रेजी से भागते हैं, इसलिए प्रत्येक कक्षा के लिए एक-एक शिक्षक अर्थात प्रत्येक स्कूल में पांच-पांच अध्यापकों की तैनाती की जाएगी। इन स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती में बच्चों की छात्र संख्या का मानक लागू नहीं होगा।
कक्षा एक से पांच तक चलने वाली पुस्तकों को राज आंग्लभाषा शिक्षा संस्थान इलाहाबाद में अनुवादित कराया जा रहा है। इसमें 90 प्रतिशत पाठ्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग में लागू पुस्तकों का है, शेष दस प्रतिशत सीबीएसई बोर्ड से लिया गया है। बेसिक शिक्षा विभाग के जिला समन्वयक अशोक प्रताप सिंह ने बताया कि फरवरी से पुस्तकों की छपाई शुरू हो जाएगी। जून के प्रथम सप्ताह में यह स्कूलों तक पहुंच जाएंगी।