अब स्कूल एवं कालेजों के शिक्षक मनमाने तरीके से अवकाश नहीं ले सकेंगे। अवकाश लेने के लिए उन्हें अब एक दिन पूर्व प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र देना होगा, स्वीकृत मिलने के बाद उसे अवकाश पंजिका में दर्ज कराना होगा। यदि प्रार्थना पत्र दिए बगैर व अवकाश पंजिका में दर्ज कराए अनुपस्थित हुए तो शिक्षक के साथ ही प्रधानाचार्य पर भी कार्रवाई हेागी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने जिले के सभी राजकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त एवं माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देश दिया है।
अक्सर स्कूल एंव कालेजों में क्लास टाइम पर शिक्षक गायब रहते हैं। सांठगांठ इतनी अच्छी रहती है कि अफसरों के निरीक्षण के दौरान आननफानन में उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। ऐसे में निरीक्षण के दौरान वह साफ बच जाते हैं और यदि निरीक्षण नहीं होता है तो पंजिका में उपस्थिति दर्ज कर दी जाती है। इससे उनकी पोल नहीं खुल पाती है। कई जगहों पर तो निरीक्षण के दौरान चूकने पर शिक्षकों एवं कालेज प्रशासन की पोल भी खुल चुकी है। ऐसे में अब विभाग पूरी तरह से सख्त हो गया है। जिला विद्यालय निरीक्षक डा. बृजेश मिश्र ने जिले के समस्त राजकीय, अशासकीय, सहायता प्राप्त माध्यािमक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को निर्देशित करते हुए कहा कि वे अपने विद्यालय की आदेश पंजिक पर समस्त शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अगवत करा दें कि अवकाश लेने के एक दिन पूर्व प्रार्थना पत्र देकर उसे स्वीकृत कराएं और उसे अवकाश पंजिका पर दर्ज कराएं। जिससे कि निरीक्षण के समय स्थिति स्पष्ट हो सके। यदि निरीक्षण के दौरान ऐसा नहीं मिला तो शिक्षक के साथ ही प्रधानाचार्य भी नपेंगे।