प्रतापगढ़। हाईवे के बाद अब शहर की बदहाल सड़कों की सूरत बदलने का काम शुरू होने जा रहा है। ट्रेजरी चौराहे से विकास भवन होते हुए कटरा मेंदनीगंज चौराहे तक की सड़क दोनाें तरफ सात फिट चौड़ी होने वाली है। सुखपालनगर की सड़क को भी चौड़ा किया जाएगा। प्रमुख सचिव नियोजन से दोनों ही सड़कों के निर्माण की मंजूरी मिल चुकी है। फरवरी महीने से काम शुरू होने की उम्मीद है।
दरअसल, दोनों सड़कों के चौड़ीकरण का प्रस्ताव काफी पहले से चला आ रहा है। शासन तक बात भी पहुंची, मगर पैरवी न होने से इस पर अमल नहीं हो सका। वर्तमान जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने आने के बाद पहले सड़कों की दशा सुधारने का निर्णय लिया। उनके प्रयास का ही परिणाम है कि सुखपालनगर व कटरा मेंदनीगंज की सड़क के चौड़ीकरण का रास्ता साफ हो गया। ट्रेजरी से कटरामेंदनीगंज चौराहे तक जाने वाली सड़क दोनों तरफ सात फिट चौड़ी होगी। सड़क चौड़ी होने से सड़क पर चलने में और भी सुविधा होगी। असल में सड़क तक लोगों ने कब्जा कर रखा है। पटरियां तो दिखाई ही नहीं देती हैं। लोक निर्माण कार्यालय के सामने प्राइवेट बस अड्डे से तो पूरी सड़क कब्जा रहती है।
विकास भवन के आस-पास भी काफी अतिक्रमण है। शहर की प्रमुख सड़कों में शुमार इस सड़क से विकास भवन, आईटीआई, एआरटीओ दफ्तर के अलावा कई स्कूल जुड़े हैं। जिसके चलते भारी ट्रैफिक रहता है। सड़क के दोनों किनारों पर अतिक्रमण से आए दिन जाम लगता है। पीडब्ल्यूडी दफ्तर के सामने से लेकर विकास भवन तक यही स्थिति रोज बनी रहती है। अब सवाल आता है औद्योगिक क्षेत्र सुखपालनगर को जाने वाली सड़क का। यह भी सात फिट चौड़ी होगी। इससे यहां लगे उद्योगों को भी काफी सहूलियत मिलेगी। उनके परिवहन में अब और आसानी होगी। इन दोनों ही सड़कों के चौड़ीकरण के लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। फरवरी में चौड़ीकरण का काम शुरू होने की पूरी आशा है।
दोनों ही सड़कें एक साल के भीतर बनकर तैयार हो जाएंगी। पता चला है कि चौड़ीकरण के लिए बीस करोड़ की धनराशि शासन से स्वीकृत हुई है। सड़क चौड़ीकरण का काम लोक निर्माण विभाग प्रतापगढ़ करेगा।
क्या कहते हैं अधिकारी ट्रेजरी चौराहे से कटरामेंदनीगंज चौराहा व सुखपालनगर जाने वाली सड़कों को दोनों और सात फिट चौड़ा किया जाएगा। यह काम फरवरी में शुरू होगा। काम शुरू होने के एक साल के भीतर दोनाें का निर्माण पूरा कर लिया जाएगा। इसके लिए शासन से अनुमति मिल चुकी है। डीएम ने इसके लिए काफी प्रयास किया है।
ओपी सोनकर, अधिशासी अभियंता लोनिवि प्रतापगढ़