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अभिभावकों को ठग रहे प्राइवेट स्कूल

Wed, 12 Apr 2017 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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जिले के निजी स्कूल अभिभावकों को सीबीएसई बोर्ड से संबद्धता का झांसा देकर कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई के नाम पर मोटी कमाई कर रहे हैं। जबकि हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के सभी स्कूलों की कक्षा एक से पांच तक की मान्यता बेसिक शिक्षा विभाग ही देता है।
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शहर और तहसील मुख्यालयों पर संचालित निजी स्कूल अभिभावकों को खुलेआम ठग रहे हैं। कभी अंग्रेजी माध्यम, तो कभी सीबीएसई और आईसीएसई का नाम बेचकर चूना लगाया जा रहा है। जबकि वास्तविकता तो यह है कि जिले में कक्षा एक से पांच तक संचालित अंग्रेजी और हिंदी मीडियम के सभी स्कूलों को बेसिक शिक्षा विभाग ही मान्यता देता है। हां इतना जरूर है कि सीबीएसई बोर्ड से कक्षा चार से दस या बारह की मान्यता मिलती है। मगर मानक इतना कड़ा होता है कि स्कूल संचालक कक्षा पांच के बाद ही मान्यता लेते हैं।


बेसिक शिक्षा विभाग से अधिकांश निजी स्कूल संचालक अंग्रेजी माध्यम से ही मान्यता लेकर सीबीएसई से मान्यता लेने का दावा करते हैं। अभिभावक भी अपने बच्चों का भविष्य संवारने के लिए निजी स्कूल संचालकों के बहकावे में आ जाते हैं। निजी स्कूलों के पास अपनी बिल्डिंग तो है, मगर उनके स्कूल में अधिकांश अध्यापिकाएं और अध्यापक ऐसे मिलेंगे, जो स्नातक की पढ़ाई कर रहे होते हैं। वे प्रशिक्षित नहीं होते हैं। इससे वह बच्चों को अधकचरा ज्ञान बांटते हैं। वहीं बीएसए बीएन सिंह का कहना है कि कक्षा एक से पांच तक हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों की मान्यता बीएसए द्वारा दी जाती है। छह से आठ तक की मान्यता एडी बेसिक की संस्तुति पर मिलती है। निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ जल्द अभियान चलाया जाएगा।
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