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अब किसका चेहरा देखूंगी, उठ जाओ एक बार

Sun, 09 Apr 2017 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो प्रतापगढ़
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पत्नी का विलाप
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सिपाही राजकुमार सिंह को गोली मारने की खबर मिलते ही पत्नी सुनीता देवी अपने ससुर शीतला प्रसाद सिंह के साथ घर से जिला अस्पताल पहुंचीं। वैशाखी के सहारे सिपाही के पिता को सहारा देकर लोग निकले। पत्नी रोते हुए अस्पताल की ओर भागी। पति का शव स्ट्रेचर पर लोगों से घिरा देखा तो उसे समझ में आ गया कि उसके पति उससे दूर जा चुके हैं। वह शव से लिपटकर रोने लगी। बोली कि अब किसका चेहरा देखूंगी। उठ जाओ एक बार, सुबह तो बात हुई थी। सब ठीक था। अचानक ऐसा कैसे हो गया। अपने रिश्तेदारों की ओर इशारा करते हुए कहा कि अभी उठ जाएंगे। डाक्टर को बुलाओ। वैशाखी के सहारे पहुंचे सिपाही के पिता शीतला प्रसाद बेटे की लाश देखने के बाद सुध-बुध खो बैठे। उनकी समझ में नहीं आ रहा था कि वह क्या करें। लोगों ने सहारा देकर उन्हें एकांत स्थान पर बैठाया। एसपी ने उनसे बातचीत की। कुछ ही देर में इलाहाबाद से बेटे पहुंचे और शव से लिपटकर रोने लगे। चलाकपुर से आई बुआ विद्या देवी तो भतीजे का शव देखते ही बेहोश होकर गिर पड़ी। वह इमरजेंसी में रोती बिलखती रही।
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