रानीगंज के तुलसीपुर में गोस्वामी तुलसीदास के घर का टीला।
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प्रतापगढ़ में गोस्वामी तुलसीदास के जन्मस्थान की प्रमाणिकता की जांच कराएगी सरकार
प्रदेश की योगी सरकार जिले की रानीगंज तहसील के राजापुर-तुलसीपुर गांव स्थित गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली के दावे की प्रमाणिकता की जांच कराएगी। रानीगंज विधायक धीरज ओझा की पहल पर मुख्यमंत्री कार्यालय से इसके लिए प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति को निर्देश मिला है। प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है। राजापुर गांव स्थित खंडहर व टीले में तब्दील हो चुके मकान, परती पड़ी जमीन की पड़ताल की जाएगी। पौराणिक एवं ऐतिहासिक साक्ष्य के साथ ही भौगोलिक संरचना के बारे में भी जानकारी जुटाई जाएगी।
रानीगंज विधायक धीरज ओझा ने क्षेत्र के तुलसीपुर में गोस्वामी तुलसीदास की जन्मस्थली का दावा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। सीएम के आदेश के बाद शासन ने इसका संज्ञान लिया है। विधायक धीरज ओझा ने सीएम को दिए पत्र में अवगत कराया कि गोस्वामी तुलसीदास ने रामचरितमानस की रचना अवधी भाषा में की है। भौगोलिक साक्ष्य के अनुसार जिले के दिलीपपुर से लगे गांव रतनमई में उनकी ससुराल विद्यमान है। जबकि तुलसीपुर में खंडहर, भवन आदि हैं। भौगोलिक, ऐतिहासिक, पौराणिक सरंचना तुलसीदास की जन्मस्थली तुलसीपुर में ही प्रमाणित करती है। विधायक की मांग पर प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति को इसकी प्रमाणिकता की जांच कराने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रमुख सचिव ने जिला प्रशासन से आख्या मांगी है। जल्द ही इसकी प्रमाणिकता की जांच शुरू होगी। विधायक धीरज ओझा ने बताया कि जिले के लिए यह बहुत ही गौरव की बात है। प्रमाणिकता साबित होने के बाद जिले की पहचान विश्व पटल पर दिखेगी।
रानीगंज के तुलसीपुर में गोस्वामी तुलसीदास के घर के बगल तालाब।- फोटो : PRATAPGARH