आधी रात के बाद नए वर्ष 2015 का स्वागत शहर से गांव तक गर्मजोशी से हुआ। पटाखों की धमक से पूरा शहर गूंजता रहा। चौराहों पर डीजे लगाने पर रोक होने के कारण लोगों ने होटलों और अपने दरवाजे पर खूब धमाल मचाया। ड्रिंक, डांस का दौर भी चलता रहा। नए साल में उम्मीद की झिलमाती रोशनी के बीच जश्न का यह क्रम देर रात तक चलता रहा।
पुराने वर्ष 2014 की विदाई और नए साल के आगमन को लेकर होने वाले धमाल पर प्रशासन की नजर सुबह से टिकी थी। चौराहों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर डीजे लगाने की अनुमति किसी को नहीं मिली। पुलिस की चहलकदमी देखते हुए कानफोड़ू आवाज से शहर शांत रहा। सख्ती को देखते हुए लोगों ने नए वर्ष के स्वागत का जश्न अपने घरों व होटलों पर मनाया। रात बारह बजे के बाद शहर में जमकर धमाल हुआ।
युवाओं ने पटाखे फोड़ कर नए वर्ष का स्वागत किया। पटाखों की धमक से शहर का सन्नाटा टूट गया। आसमान में भी रंगबिरंगी रोशनी वाले पटाखों ने खूबसूरत छटा बिखेरी। घड़ी की सुई के साथ रात का वक्त ज्यों-ज्यों बढ़ा पटाखे फोड़ने में कंपटीशन भी बढ़ता गया। नववर्ष के इस्तकबाल में दहिलामऊ मदर अस्पताल के पीछे भव्य कार्यक्रम हुआ। डीजे पर फिल्मी गीतों की धुन पर युवा थिरकते रहे। मीराभवन में भी यही नजारा रहा। जोगापुर में भी जश्न का माहौल रहा। अधेड़ व बुजुर्ग भी नए साल के स्वागत में पीछे नहीं रहे। रात करीब एक बजे सिद्धार्थ होटल में जश्न का दौर शुरू हुआ। यहां परिवार संग पहुंचे लोगों ने दिल खोलकर नए साल की पार्टी की। हर कोई गीत की धुन पर डांस करता रहा। डांस में महिलाएं और युवतियां मगन रहीं। लायंस क्लब की ओर से आयोजित कार्यक्रम भी देर रात में शुरू हुआ। यहां भी हर कोई मस्ती में चूर था। सभी एक दूसरे को बधाई देते रहे। बधाई देने व ड्रिंक और डांस का यह दौर देर रात तक चलता रहा। नए साल का इस्तकबाल करते हुए जिंदगी को नए सिरे से जीने का संकल्प भी लिया। यही स्थिति ग्रामीण क्षेत्रों में भी रही। हालांकि वहां रात 11 बजे के बाद धमाल की धमक समाप्त हो गई थी।