सुबह नौ बजे से शुरू हुई बरसात ने हजारों लोगों के सपने पर पानी फेर दिया। तमाम लोगों ने नए साल के पहले दिन घूमने व मौजमस्ती का प्लान दिन पहले बना लिया था। इसके लिए उनकी टोलियां भी तैयार थीं। मगर बारिश ने लोगों का जोश ठंडा कर दिया। उन्होंने घर से न निकलने में भलाई समझी।
नए साल के पहले दिन करीब 10 घंटे लगातार हुई बरसात आलू और सरसों की फसल के लिए तेजाब से कम नहीं रही। किसान तेजपाल मौर्या, अशोक वर्मा व रामअधार शुक्ल कहते हैं कि गेहूं सहित अन्य फसलों के लिए यह पानी बढ़िया है। बारिश पूर्व जिन्होंने इन फसलों की सिंचाई कर रखी है उनके लिए यह पानी नुकसानदेह है। आलू व सरसों में फूल आने के कारण इन्हें नुकसान हुआ है।