पहाड़ों के बीच से हवा में तैरती हुई बेल्हा पहुंची ठंड पागल हो गई है। मंगलवार की सुबह ठंड लगने से कुंडा क्षेत्र में एक अधेड़ व रानीगंज इलाके में एक वृद्ध की मौत हो गई। इतना ही नहीं सारा दिन जिला गलन की वजह से कांपता रहा। ठिठुरन इतनी तेज थी कि हाथ की अंगुलियाें में अकड़ जैसी स्थिति बनी रही। ठंडी हवा लोगों के बदन में तीर सी चुभती रही। घर पर मौजूद लोग रजाई में घुसे रहे। काम धंधे के बोझ से दबे लोग गर्म कपड़ों में लिपटकर बाहर निकले। इस ठंड से यात्री और भी परेशान रहे।
कई दिन से हाड़कंपाने वाली ठंड जिले के लोगों का पीछा छोड़ने का नाम नहीं ले रही। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी का असर जनपद में खूब दिख रहा है। बर्फीली हवाओं के कारण वातावरण में बनी हुई है। गलन व ठिठुरन से लोग परेशान हो चुके हैं। मंगलवार की सुबह वातावरण में 100 प्रतिशत नमी रिकार्ड की गई। सनई अनुसंधान केन्द्र के मौसमविद अवध नारायण द्विवेदी के मुताबिक दोपहर के समय हल्की धूप होने की वजह से नमी घट कर 65 प्रतिशत रही। सुबह अधिक और दोपहर के समय वातावरण में कम नहीं लोगों की सेहत के लिए काम बन गई है।
कुंडा महेशगंज स्थित मसवन गांव निवासी छोटेलाल पाल (51) व रानीगंज के रूपीपुर गांव निवासी रामसरन यादव उर्फ लुल्लू (75) की तबीयत ठंड लगने से सुबह बिगड़ गई। लुल्लू की घर पर ही दम तोड़ दिया जबकि छोटेलाल पाल को परिजन कुंडा सीएचसी ले गए जहां से डॉक्टरों इलाहाबाद एसआरएन रेफर कर दिया। बताते हैं कि इलाहाबाद ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। सुबह गलन व पूर्वा और उत्तर से आने वाली हवा बेहद ठंडी रही। इससे पूरा जिला कांपता रहा। गलन इतनी तेज थी कि हाथ की अंगुलियां जाम हो जा रही थीं।
घरों में ज्यादातर लोग रूम हीटर जलाकर तापते रहे। उनमें से अधिकांश रजाई में दुबके रहे। काम धंधे से जो लोग बाहर निकले वह ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए। सुबह के समय का न्यूनतम तापमान 5.6 डिग्री सेल्सियस रहा जबकि दोपहर का अधिकतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसमविदों की मानें तो बुधवार की सुबह कोहरा पड़ने व गलन और बढ़ने की प्रबल संभावना है। सुबह व दोपहर के समय वातावरण में नमी का भारी अंतर होने से शरीर का टेंप्रेचर बिगड़ रहा है। डॉक्टर कहते हैं कि ऐसे में थोड़ी से चूक लोगों के लिए जान का खतरा बन सकता है।