मंगलवार को दिनभर चली धूल भरी तेज हवाओं से परेशान हुए राहगीर।
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पश्चिमी विक्षोभ ने तल्ख मौसम के मिजाज को बदल दिया। आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। मंगलवार को बादलों संग पछुआ हवाएं दिन भर रफ्तार चलती रही। तापमान में गिरावट तो दर्ज की गई मगर उमस बरकरार रही। लोग उमस भरी गर्मी से बेहाल दिखे। वहीं पछुआ का रुख व आसमान में बादलों का डेरा देख किसान सहमे रहे।
अप्रैल महीने के दूसरे सप्ताह से सूर्यदेव लोगों को तपाने लगे थे। तल्ख धूप से तापमान में तेजी से इजाफा हुआ था। अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस जबकि न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। तल्ख धूप में बाहर निकलना मुश्किल हो रहा था। मगर मंगलवार को एकाएक पश्चिमी विक्षोभ ने दस्तक देकर मौसम का मिजाज बदल दिया।
भोर में तेज हवाओं संग आसमान में बादलों ने डेरा जमा लिया। इससे तापमान गिरावट दर्ज की गई। सोमवार को 41 के पार रहा अधिकतम तापमान मंगलवार को 35.8 डिग्री सेल्सियस आ गया, जबकि न्यूनतम तापमान में 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
बावजूद इसके उमस बरकरार रही। लोग उमसभरी गर्मी से बेहाल रहे। मौसम वैज्ञानिक सुरेंद्र प्रजापति ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ से मौसम का मिजाज बदला है। इसका प्रभाव 24 से लेकर 48 घंटे तक रहता है।
खेत से खलिहान तक मची रही अफरातफरी
हवाओं की रफ्तार व आसमान में बादलों का डेरा देख किसान सहमे रहे। कटाई की गई गेहूं की फसल को सुरक्षित करने को लेकर खेत से खलिहान तक अफरातफरी मची रही। कहीं फसलों की मड़ाई हो रही थी तो कहीं उन्हें सुरक्षित किया जा रहा था। बारिश की आशंका से किसान परेशान दिखे। कहा कि बारिश हुई तो फसलों का भारी नुकसान होगा।