बेलगाम विद्युत अफसरों ने डीएम अमृत त्रिपाठी के भी निर्देश को ठेंगे पर मार दिया है। आधा शहर 60 घंटे से बिजली और पानी के लिए कराह रहा है। सुधार के नाम पर विभाग लोगों को सिर्फ झांसा दे रहा है। ठेेकेदार और अधिकारियों की बेलगामी से लोगों का गला सूख रहा है। पानी के लिए सोमवार से हजारों लोग तरस रहे हैं। हजारों लोगों को टैंकर से पानी दे पाने में नगर पालिका भी हांफ चुकी है। हालत यह है कि किसी भी समय ठेकेदार और बिजली विभाग के अफसरों पर लोगों का गुस्सा फूट सकता है।
सोमवार को नवीनीकरण के लिए ठेकेदार ने तार उतार दिया तो आधे शहर की आपूर्ति ठप हो गई। बिन बिजली जलापूर्ति नहीं हुई और 36 घंटे तक लोग पानी के लिए तड़पते रहे। डीएम ने दम भरा तो थोड़ी देर को आपूर्ति चालू हुई। मगर पानी की सप्लाई नहीं हो सकी। इस बीच ट्रांसफार्मर फुंक गया। जला ट्रांसफार्मर शुक्रवार शाम तक विभाग नहीं बदल सका। इस तरह कुल 60 घंटे बीत गए आधे शहर बिजली और पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रहा है।
लगातार 60 घंटे बिजली पानी न मिलने से तेलिया चौराहा, बेल्हादेवी धाम, सदर चौराहा, शिवपुरी, चौक सहित आधा शहर बिलबिला रहा है। नगर पालिका टैंकर से पानी की सप्लाई में लगी है। मगर उनका यह प्रयास भी नाकाफी साबित हो रहा है। नवरात्र के चलते दर्शन को बेल्हा देवी धाम जाने वाले भक्तों पर देर रात अंधेरे की वजह से रास्ते में हर समय खतरा बना रहता है। बुधवार को भी देर शाम तक जला हुआ ट्रांसफार्मर बदला नहीं जा सका था।
सदर तहसील के कई गांव एक माह से अंधेरे में हैं। सुबेदार का पुरवा निवासी रमाकांत तिवारी ने कहा कि कलारामपुर, दखिना, भदोही समेत आस-पास के आधा दर्जनों के लोग बिजली के लिए परेशान हैं। लगभग चालीस दिन का वक्त बीत गया और आज तक समस्या हल नहीं हो सकी जबकि इस बात की शिकायत कई बार अधिकारियों से की जा चुकी है। आरोप लगाया कि फाल्ट बनाने के लिए लाइनमैन से कहा गया तो वह कनेक्शनधारियों से 100-100 रुपये की मांग कर रहा है।