रेलवे स्टेशन पर पानी न आने से सूखी पड़ी नलों की टोटियां।
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प्रतापगढ़ रेलवे स्टेशन के साथ ही कालोनियों में पानी का संकट गहरा गया है। इसके लिए जवाबदेह अफसरों का मोबाइल फोन बंद होने पर खफा डीआरएम ने उनकी जमकर क्लास लगाई। जिससे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। आननफानन में पानी की आपूर्ति के जुगाड़ में लोग लग गए। इसको लेकर यूनियन के नेताओं और आईओडब्ल्यू में कहासुनी हुई।
स्टेशन पर रविवार रात से ही पानी का संकट है। रेलवे कालोनियों में भी समस्या बनी हुई है। रेलकर्मी जिम्मेदार अधिकारियों के पास पानी की समस्या के लिए फोन करना शुरू किए तो उनका फोन बंद था। कर्मचारियों ने अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। जानकारी होते ही डीआरएम ने प्रतापगढ़ के जिम्मेदार अधिकारियों की क्लास लेना शुरू कर दिया।
बाद में एडीआरएम और डीसीएम के भी फोन आने लगे। फटकार मिलने के बाद लोग पानी की समस्या को ठीक कराने के लिए अपने अपने बंगले से निकले। दरअसल, पंप नंबर दस और एडीईन के बगल वाली पानी की टंकी जवाब दे चुकी थी। उसमें पानी भरना उचित नहीं समझा गया। जिससे पानी का संकट आ गया। एडीईएन निहालुद्दीन ने बताया कि एक टंकी में बालू जमा थी। दूसरे में मोटर की समस्या थी। अब सब ठीक है। शाम तक पानी मिल जाएगा।
बगैर धुलाई के रवाना की गईं ट्रेेनें
प्रतापगढ़ स्टेशन से बनकर चलने वाली प्रतापगढ़-बनारस पैसेंजर और प्रतापगढ़-कानपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस के साथ ही पद्मावत एक्सप्रेस को सोमवार को बगैर धुलाई के ही रवाना कर दिया गया। दुर्गंध के चलते यात्रियों को काफी परेशान होना पड़ा।
स्टेशन मास्टर का तबादला
प्रतापगढ़। अंतू रेलवे स्टेशन पर तैनात स्टेशन मास्टर इबरार का तबादला चिलबिला हो गया है। अंतू में सुलतानपुर के एक स्टेशन मास्टर को तैनाती दे दी गई है। दरअसल, चिलिबिला में एक ही स्टेशन मास्टर के भरोसे ट्रेनों का संचालन हो रहा था। इसके चलते रेलवे ने यह कदम उठाया है।