नगर पालिका द्वारा रंजीतपुर चिलबिला में जमीन मिलने के बाद 1.65 करोड़ की लागत से कान्हा गोशाला का निर्माण शुरू हो सका। करीब तीन लाख रुपये खर्च कर केवल सीमांकन व कुछ दूर तक नींव का काम कराया जा सका। निर्माण सामग्री भी गिरी है लेकिन बीस दिन से निर्माण कार्य बजट के अभाव में ठप है। नगर पालिका ने शासन से स्वीकृत धनराशि की मांग करते हुए पत्र भेजा है।
पहले महुली फिर रंजीतपुर चिलबिला में कान्हा गोशाला का निर्माण कार्य प्रारंभ कराया गया। काफी जद्दोजहद के बाद राजस्व विभाग रंजीतपुर चिलबिला में कान्हा गोशाला के लिए जमीन उपलब्ध कराने में कामयाब हुआ। इसके बाद नगर पालिका की देखरेख में 1.65 करोड़ की लागत से कान्हा गोशाला के लिए चिह्नित जमीन का सीमांकन कराया गया।
कुछ दूरी तक चहारदीवारी निर्माण के लिए नींव भी बनवाई गई। कान्हा गौशाला निर्माण के लिए करीब तीन लाख रुपये खर्च हो गए। रुपये के अभाव में कार्यदायी संस्था ने निर्माण कार्य बंद कर दिया है। इसकी जानकारी नगर पालिका को बीस दिन बाद हुई। निर्माण कार्य ठप होने से कान्हा गोशाला समय से पूरा होना असंभव दिख रहा है। नगर पालिका को शासन से कान्हा गौशाला निर्माण के लिए 1 करोड़ 65 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। ईओ मुदित सिंह ने बताया कि काम बंद जरूर था लेकिन उसे शुरू करने के लिए ठेकेदार को निर्देश दिया गया है। शासन से स्वीकृत बजट की डिमांड की गई है। ताकि समय से निर्माण कार्य पूरा हो सके।
लोकसभा चुनाव के पहले गोशाला बनाने का मिला था आदेश
लोकसभा चुनाव के पहले ही शासन से कान्हा गौशाला का निर्माण कराने के लिए नगर पालिका को पत्र भेजा था। नगर पालिका, नगर पंचायत अंतू व कटरामेदनीगंज में कान्हा गोशाला बनाना प्रस्तावित था। अभी तक केवल कटरामेदनीगंज में कान्हा गौशाला निर्माण का कार्य लगभग पूरा होने के कगार पर है। जबकि नगर पंचायत अंतू में अभी निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है। पहले चिह्नित जमीन के बजाय अब दूसरी जगह निर्माण कराने की तैयारी है। नगर पालिका में कुछ दिनों तक निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ लेकिन अब फिर बंद हो गया।
गोशाला में पाली जाएंगे गाय, देखभाल के लिए तैनात होंगे कर्मचारी
रंजीतपुर चिलबिला में बनने वाले कान्हा गौशाला में केवल गाय को रखा जाएगा। उनकी देखभाल के लिए कर्मचारियों की तैनाती होगी। गायों की देखभाल करने वाले कर्मचारी हरा चारा भी देंगे। उनके चारे पानी की सारी व्यवस्थाएं रहेंगीं। दूध देने वाले गायों को अलग रखा जाएगा।