जीजीआईसी के पीछे रुई के गोदाम में मंगलवार तड़के भीषण आग लग गई। करीब 50 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। फायरब्रिगेड के जवान पांच टैंकरों की मदद से करीब 10 घंटे में आग पर काबू पा सके। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।
सिप्तैन रोड धर्मशाला वार्ड निवासी गिरिराज खंडेलवाल रुई के थोक विक्रेता हैं। इसके अलावा प्लास्टिक के भी सामान का कारोबार करते हैं। गिरिराज का जीजीआईसी के पीछे भी चार मंजिला रिहायशी मकान है। उसका इस्तेमाल वह गोदाम के रूप में करते हैं। बेसमेंट समेत पूरे मकान में रुई, प्लास्टिक, चारपाई का पट्टा, नायलॉन की रस्सी समेत अन्य सामान भरे हुए थे। मंगलवार की भोर में जब लोग मार्निंग वाक के लिए निकले तो मकान से धुआं उठता दिखाई पड़ा। करीब साढे़ चार बजे सूचना पाकर पहुंचे फायरब्रिगेडकर्मी आग बुझाने में जुट गए।
आसपास के लोग भी अपना मकान खाली कर बाहर निकल आए। सीओ सिटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लालगंज से भी फायरब्रिगेड का टैंकर बुलवाया। आग बुझाने के लिए पांच टैंकरों व फायरमैनों के साथ पुलिसकर्मी भी जुट गए। इस बीच आग बुझती न देख सिविल लाइन पुलिस नगर पालिका की जेसीबी व पानी का टैंकर लेकर पहुंची। इसके बाद खिड़की और शटर तोड़कर आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब दस बजे जाकर आग पर कुछ हद तक काबू पाया गया।
तीसरे पहर तीन बजे फायर बिग्रेडकर्मी इलाके के लोगों की मदद से आग बुझाने में कामयाब हो सके। कारोबारी गिरिराज ने बताया कि आग से लगभग 35 लाख रुपये का सामान जल गया है। करीब 15 लाख रुपये के भवन का भी नुकसान हुआ है। मकान में लगी आग से उठ रही लपटों को देख हर कोई दहल उठा। लोगाें की भारी भीड़ के कारण दमकलकर्मियों को परेशानी हुई। सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने बताया कि रिहायशी मकान में बने गोदाम में शार्ट सर्किट से ही आग लगने की संभावना है। घटना की जांच की जा रही है। वैसे इस बात की चर्चा रही कि एक करोड़ से अधिक कीमत का सामान अगिभनकांड में जला है।