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कुंडा, बाबागंज में मतदान कराएगा केंद्रीय सुरक्षा बल

Wed, 17 Apr 2019 12:11 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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लोकसभा चुनाव कराने के लिए कुंडा और बाबागंज विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान तैनात होंगे। इसके लिए कवायद तेज कर दी गई है। प्रशासन ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों के 40 मतदान केंद्रों को छोड़ सभी को संवेदनशील की श्रेणी में रखा है। निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सबसे अधिक फोर्स यहीं तैनात रहेगी।
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बताया जाता है कि लोकसभा चुनाव कराने के लिए जिला प्रशासन ने चुनाव आयोग से सुरक्षा के लिए अधिक से अधिक केंद्रीय बल भेजने का अनुरोध किया है। कौशाम्बी लोकसभा सीट से चुनावी मैदान में उतरे एक प्रत्याशी लगातार चुनाव आयोग व कौशाम्बी के जिला निर्वाचन अधिकारी से शिकायत कर रहे है। यहां मतदान पांचवें चरण में होना है।

आयोग को भेजे पत्र में मांग की गई है कि चुनाव कराने के लिए 20 कंपनी केंद्रीय पुलिस बल, छह हजार सिपाही और चार हजार होमगार्ड के जवानों की ड्यूटी लगाई जाए ताकि चुनाव के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी न हो सके। पिछली बार इतनी फोर्स नहीं लगाई गई थी। सूत्रों की मानें तो प्रशासन ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें बाबागंज और कुंडा विधानसभा क्षेत्र को अतिसंवेदनशील माना गया है। रामपुर खास विधानसभा क्षेत्र के भी कुछ मतदान केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस बल के जवान चुनाव कराने के लिए तैनात होंगे।
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अतिसंवेदनशील मतदान केंद्रों पर केंद्रीय पुलिस बल के छह सशस्त्र जवान मुस्तैद रहेंगे। संवेदनशील मतदान केंद्र पर चार सशस्त्र जवानों के अलावा यूपीपी के जवान भी तैनात होंगे। चुनाव में ड्यूटी लगाने के दौरान भी यह ख्याल रखा जाएगा कि चुनाव के दिन घटनाओं पर रोकथाम के लिए अलग से पुलिस बल निर्धारित स्थलों पर वाहनों से भ्रमण करता रहेगा।

भ्रमण करने वाले वाहन के दरोगा या इंस्पेक्टर को केवल दो या तीन गांव में मोबाइल ड्यूटी करनी होगी ताकि अप्रिय वारदात की सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचकर हालात को काबू में कर सकें।

फर्जी सूचना देने वाले पर होगी कार्रवाई
लोकसभा चुनाव के दौरान अफवाहों का बाजार गर्म रहता है। इस पर अंकुश लगाने के लिए इस बार जिला प्रशासन सख्त रवैया अपनाने जा रहा है। एसपी एस आनंद के मुताबिक चुनाव के दिन फर्जी सूचना देकर फोर्स और अधिकारियों को गुमराह करने की कोशिश की जाती है।

इस बार कंट्रोल रूम समेत अफसरों को सूचना देने वाले मोबाइल नंबर को रिकार्ड में रखा जाएगा। यदि सूचना के बाद फोर्स ऐसे स्थान पर पहुंचती है तो वहां घटना की खबर फर्जी निकलती है तो ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी कराई जाएगी।
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