गौरा और सुवंसा रेलवे स्टेशनों के बीच मसौली गांव के ग्रामीणों ने मंगलवार को रेलवे ट्रैक दोहरीकरण के कार्य को रोक दिया है। सुबह ट्रैक्टर से सामान पहुंचने पर एकजुट गांव के लोगों ने मजदूरों को सामान समेत वापस करा दिया। ग्रामीणों की मांग है कि पहले अंडरपास का निर्माण कराया जाए, उसके बाद ही रेलवे लाइन का दोहरीकरण हो।
आरोप है कि वर्षों से अंडरपास निर्माण की मांग की जा रही है लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। जिससे गांव के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
लखनऊ -वाराणसी रेल खंड पर रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य हो रहा है। मंगलवार को गौरा और सुवंसा रेलवे स्टेशनों के बीच मसौली गांव के पास मजदूर ट्रैक्टर में सामान भरकर दोहरीकरण का कार्य करने पहुंचे तो उन्हें ग्रामीणों की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
गांव के लोगों का कहना है अंडरपास का निर्माण कराने के लिए कई सालों से मांग की जा रही है। संसदीय चुनाव में गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार भी किया, मगर इसके बाद भी कोई पहल नहीं हुई।
आरोप है कि हाईवे पर जाने के लिए पांच किमी का चक्कर लगाना पड़ता है। अंडरपास बन जाने से दूरी तीन किमी कम हो जाएगी। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए दूरी अधिक होने से दैनिक जीवन, बच्चों की शिक्षा, कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आक्रामक रूख देखकर कर्मचारियों ने एक्सईएन सत्य किशोर से फोन पर बात कर गांव के लोगों को समझाने का प्रयास किया। मगर ग्रामीण उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके कारण मंगलवार को ट्रैक दोहरीकरण का कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया। एक्सईएन सत्य किशोर ने बताया कि इस संबंध में ग्रामीणों से बात की जाएगी।