मंगरौरा विकास खंड के पूरबपट्टी गांव से आए ग्रामीणों ने सोमवार को विकास भवन में प्रदर्शन कर भ्रष्टाचार में शामिल पीडी और डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाली बजाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे प्रधान और सचिव को परियोजना निदेशक बचा रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों के पहुंचने के पहले ही प्रभारी डीएम और सीडीओ विकास भवन से निकल चुके थे।
मंगरौरा विकास खंड के पूरबपट्टी गांव से आए इंद्र बहादुर सिंह, राधेश्याम सिंह, लाल बहादुर सिंह, बृजेश सिंह, दीपक सिंह, श्यामलाल, राजकुमार, राम मिलन माता प्रसाद वर्मा सहित लगभग तीन दर्जन महिलाओं ने सोमवार को विकास भवन पहुंचकर प्रधान और सचिव पर लाखों रुपये के घपले का आरोप लगाया। ग्रामीणों का आरोप है कि अनियमितता की जांच पीडी और डीपीआरओ को मिली थी, मगर उन्होंने मोटी रकम लेकर आरोपियों को क्लीन चिट दे दी।
महिलाओं और पुरुषों का आरोप था कि पीडी मंगरौरा ब्लाक में बीडीओ के पद पर रह चुके हैं, जो सिर्फ कमीशन खोजते हैं। ऐसेे अफसरों के खिलाफ जब तक कार्रवाई नहीं होगी, तब तक न्याय नहीं मिलेगा। ग्रामीणों ने थाली बजाकर प्रधान की अनियमितताओं की जांच कराकर कार्रवाई करने की मांग की है। डीडीओ और कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपकर प्रधान और सचिव के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रधान ने रुपये वसूले, मगर नहीं दिया आवास
मानधाता विकास खंड के उड़ी की डीह गांव से आए ग्रामीणों ने प्रधान पर आवास और हैंडपंप के नाम पर वसूली करने का आरोप लगाया है। पूनम, उसरहिन, शांति, अरुणा, मीना, सूर्यकली, सुशीला, चमेला, चंपा, सोनी सहित लगभग दो दर्जन महिलाओं ने सोमवार को प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि प्रधान ने आवास और हैंडपंप के लिए रुपये लिए, मगर अभी तक आवास नहीं मिला है। महिलाओं ने प्रभारी डीएम को शिकायती पत्र देकर रुपये वापस दिलाने और मुकदमा दर्ज कराने की मांग की है।