पट्टी कोतवाली क्षेत्र में मारपीट में घायल की इलाज के दौरान मौत के बाद कोतवाली गेट पर शव रखकर परिज?
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मारपीट में घायल वृद्ध की शनिवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे नाराज ग्रामीणों ने वृद्ध का शव रखकर कोतवाली गेट के सामने जाम लगा दिया। ग्रामीण पुलिस पर मामले में कार्रवाई न करने तथा लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे। बीच सड़क पर शव रखे जाने के कारण लंबा जाम लग गया। खबर लिखे जाने तक ग्रामीण सड़क पर डटे थे।
क्षेत्र के औराइन गांव में बीते 19 मार्च को जमीन विवाद में शौच जा रहे वृद्ध देव नारायण तिवारी (65) के ऊपर पड़ोसियों ने जमीन विवाद में हमला कर दिया था। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मामले में बेटे जनार्दन प्रसाद तिवारी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी कृष्ण कुमार, अंकित, आलोक तथा अंबुज के विरुद्ध मारपीट व धमकी की एनसीआर दर्ज की थी।
मारपीट की इस घटना में दोनों पक्षों से आधा दर्जन लोग घायल हुए थे। गंभीर हालत में देवनारायण को एसआरएन प्रयागराज में भर्ती कराया गया था। शनिवार की सुबह उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रयागराज से लौटने पर ग्रामीणों ने कोतवाली गेट पर शव रखकर जाम लगा दिया।
जिससे यातायात बाधित हो गया। परिजन कोतवाली पुलिस पर लापरवाही बरतने और आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई न करने का आरोप लगा रहे थे। परिवारीजनों का कहना था कि पुलिस ने घटना के मुख्य आरोपी जनार्दन प्रसाद तिवारी का नाम तहरीर में होने के बावजूद एनसीआर से हटा दिया था।
देर शाम मौके पर पहुंचे प्रभारी पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने परिवार के लोगों को समझाबुझाकर शव को घर भेजवाया। पहले से दर्ज मुकदमे में हत्या की धारा बढ़ाने का आदेश दिया।
जाम में फंसी दो एंबुलेंस
ग्रामीणों द्वारा वृद्ध का शव कोतवाली गेट पर रखकर जाम कर देने के दौरान दो एंबुलेंस भी फंस गई थी। चौक के रास्ते पर जाम लगने के कारण घंटों आवागमन बाधित हो गया। इसी रास्ते पर आगे चलकर सीएचसी भी है। इस बीच मरीजों को लेकर सीएचसी जा रही दो एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। पुलिस वालों ने एंबुलेंस को किसी तरह जाम से बाहर कर उसे दूसरे रास्ते से भेजा।
पट्टी कोतवाली के सामने वृद्ध का शव रखकर बैठे परिजन।- फोटो : PRATAPGARH