मारपीट के मामले में एफआईआर न दर्ज किए जाने से नाराज उस्मानपुर गांव के लोगों ने रविवार को सांगीपुर थाने का घेराव किया। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों को देखते हुए सीओ लालगंज फोर्स के साथ पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर लोग शांत हुए। सांगीपुर थाना क्षेत्र के उस्मानपुर गांव में गुुरुवार को छोटेलाल व राजपती के बीच जमीन के विवाद को लेकर मारपीट हो गई थी। घटना में एक पक्ष से छोटेलाल, शांति देवी, दीनानाथ तथा दूसरे पक्ष से राजपती, रमेश व सुरेश को चोटें आई थीं। छोटेलाल की तरफ से पुलिस ने एफआईआर तथा दूसरे पक्ष से एनसीआर दर्ज कर घायलों को इलाज के लिए सीएचसी संागीपुर भेजवाया। वहां से घायलों को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
रविवार को सुबह करीब दस बजे उस्मानपुर गांव के दर्जनों लोग पुलिस पर एक पक्षीय कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए सांगीपुर थाने पहुंच गए। प्रदर्शन करने वालों का आरोप था कि पुलिस ने राजपती पक्ष की तहरीर पर एफआईआर न दर्ज कर एनसीआर दर्ज किया है। बवाल बढ़ते देख पुलिस ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इस पर सीओ जगमोहन फोर्स के साथ थाने पहुंचे और प्रदर्शन करने वालों से बात की। सीओ ने थाने में बैठकर एनसीआर में आईपीसी की धारा 308 की बढ़ोतरी कर उसे एफआईआर में तरमीम कराया। तब जाकर लोग वापस हुए। सीओ ने कहा कि घटना में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि रामकृपाल पासी, प्रधान मिश्रीलाल, रामदेव गुप्ता, पवन गुप्ता, अनिल गुप्ता, सुरेंद्र वर्मा, कौशिल्या, संगीता, मिथिलेश, विभूति नारायण गुप्ता, कमल मौर्य, श्यामा देवी, मालती, कलावती समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे।