बारिश के मौसम में शहर के कई मोहल्लों में जलनिकासी की उचित व्यवस्था न होने का खामियाजा शहरियों को भुगतना पड़ेगा। शहर के कई इलाकों में अभी नाले और नालियों की सफाई नहीं हुई है। सिल्ट सफाई भी आधी अधूरी हुई है। प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर बनने वाले नाले का निर्माण भी कच्छप गति से चल रहा है। ऐसे में तय है कि शहरी एक बार फिर बारिश में जलभराव की समस्या से जूझेंगे। धर्मशाला व भैरोपुर वार्ड में तो आम दिनों में ही लोगों के घरों तक नालियों का गंदा पानी घुसता रहता है। मोहल्ले की गलियों में भी नालियों का पानी भर जाता है।
नगर पालिका के 25 वार्डों में बरसात के पहले नाले व नालियों से सिल्ट की सफाई का काम अभी पूरा नहीं हो सका है। कर्मचारी नालों से सिल्ट निकालने के लिए दो छोटी मशीनों का भी प्रयोग कर रहे हैं, लेकिन शहर के छोटे बड़े नालों के साथ ही मोहल्लों की नालियों से सिल्ट नहीं निकाली जा सकी। बरसात में शहर के टक्करगंज, विवेकनगर, बलीपुर, पल्टन बाजार, मकंद्रूगंज, भैरोपुर, धर्मशाला वार्ड, तहसील वार्ड में पानी भर जाता है। शहर के अधिकांश मोहल्लों में जलनिकासी की व्यवस्था सुव्यवस्थित न होने का खामियाजा शहरियों को उठानडा पड़ता है।
लोगों के घरों में भी बरसात का पानी घुस जाता है। सड़कें भी पानी से लबालब हो उठती हैं। बरसात थमने के बाद भी जलभराव की समस्या घंटों बनी रहती है। इसका असर लोगों के आवागमन पर पड़ता है। इस बार नगर पालिका की ओर से टक्करगंज, पश्चिमी सहोदरपुर, विवेक नगर, पल्टन बाजार, मकंद्रूगंज वार्ड में जलभराव की समस्या से लोगों को निजात दिलाने के लिए बाबागंज से हाइवे के किनारे नाले का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन काम इतनी धीमी गति से चल रहा है कि बरसात आने तक पूरा होने की संभावना नहीं है। नाला निर्माण पूरा न होने पर जलभराव की समस्या से फिर लोगों को जूझना पड़ेगा।
बीआरजीएफ की धनराशि से अंबेडकर चौराहा से मीराभवन तक सड़क की पटरियों की इंटरलाकिंग के साथ ही नाला निर्माण का कार्य प्रारंभ हुआ था। निर्माण कार्य की अवधि पूरी होने के बाद भी कार्य पूरा नहीं हो सका। अभी भी नाले का निर्माण अधूरा है। निर्मित नाले में पानी भरा है। जिसकी निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। इस नाले की सफाई भी नहीं हो सकी। गंदगी से पूरा नाला अटा पड़ा है। पालिका प्रशासन ध्यान इस ओर नहीं पड़ रहा है। नाले में गंदे पानी के जमा होने के चलते लोगों के संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है।
भंगवाचुंगी से नया मालगोदाम रोड पर जाने के लिए भले ही पीडब्ल्यूडी की ओर से सीसी सड़क बनवा दी गई, लेकिन जलनिकासी की व्यवस्था न होने से सड़क के किनारे जलभराव की समस्या बरसात में पैदा होती है। सड़क पर भी पानी भरा रहता है। नाला निर्माण के लिए नगर पालिका की ओर से टेंडर भी निकाला गया, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका।
शहर के सभी मोहल्लों के मुख्य मार्गों पर सफाई व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त रखने के साथ ही नालियों की सफाई पर नगर पालिका के कर्मचारी विशेष जोर देते हैं। लेकिन गलियों में खानापूर्ति होती है। अभी शनिवार को शहर का जायजा लेने निकले जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने सदर बाजार मोहल्ले की नालियों में गंदगी देख नाराजगी जताते हुए ईओ को खरीखोटी सुनाई थी। पूर्वी सहोदरपुर में तो सड़कों पर घरों का पानी बह रहा है। नालियों की सफाई नहीं हुई।
शहर के दहिलामऊ उत्तरी में बुढ़ियादेवी मंदिर मार्ग पर कुछ दूर तक सड़क तालाब बन गई है। दो लोगों के विवाद से पैदा हुई समस्या का खामियाजा पूरे मोहल्ले के लोगों को उठाना पड़ रहा है। यह समस्या करीब चार माह से बनी हुई है। समस्या के विरोध में नागरिकों ने अब आरपार की लड़ाई का ऐलान किया है। लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाए। चेताया कि इस मामले को लेकर अब जोरदार आंदोलन होगा। तभी नगर पालिका व प्रशासन की कुंभकर्णी नींद खुलेगी।
शहर में जलभराव की समस्या को देखते हुए ही हाइवे के किनारे नाले का निर्माण कराया जा रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा होने की संभावना है। नाले व नालियों से सिल्ट निकालने का कार्य भी युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। बरसात के पहले नालों व नालियों को पूरी तरह साफ करा लिया जाएगा।
मुदित सिंह, ईओ, नगर पालिका