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Pratapgarh News: बिजली मिस्त्री का शव उपकेंद्र ले जाने से रोकने पर पुलिस से भिड़े ग्रामीण, हंगामा

Fri, 23 Jun 2023 09:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
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मानिकपुर के केशवपुर निवासी बिजली मिस्त्री अनिल पटेल की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों और पुलिस के बीच शुक्रवार को जोरआजमाइश हुई। शव विद्युत उपकेंद्र गढ़ी ले जाते समय रोकने से नाराज हुए ग्रामीण पुलिस से भिड़ गए। हंगामे के बीच लोगों की पुलिस से तीखी झड़प हुई। अर्थी छीनने के दौरान पुलिस से हाथापाई और धक्कामुक्की भी हुई। इस बीच कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। पत्थर लगने से भीड़ में फंसे दरोगा शिशिर पटेल घायल हो गए। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने बवालियों को लाठी फटकारते हुए दूर तक दौड़ाया। तब जाकर भीड़ तितरबितर हुई।
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संविदाकर्मी लाइनमैन मंगेश के कहने पर 13 जून को बिजली मिस्त्री अनिल पटेल बड़के खमसरा में हाईटेंशन लाइन की खामी दूर करने पोल पर चढ़ा था। करंट की चपेट में आने से अनिल झुलसकर नीचे गिर गया था। गंभीर हालत में उसे इलाज के अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह उसकी मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने लाइनमैन मंगेश उर्फ विपिन यादव और एसएसओ एहसान के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।
शुक्रवार को घटना से आक्रोशित परिजन 25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, विद्युत उपकेंद्र में नौकरी, बच्चों की शिक्षा व दोषियों की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अनिल का शव लेकर विद्युत उपकेंद्र जाने लगे। वहां पहले से मौजूद पुलिस ने ग्रामीणों को रास्ते में रोक लिया। वहां अर्थी छीनने के दौरान पुलिस व ग्रामीणों के बीच हाथापाई हो गई।
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प्रत्यक्षदर्शियों के पुलिस और ग्रामीणों के बीच धक्कामुक्की भी हुई। अचानक भीड़ के बीच से किसी ने पथराव कर दिया। जिससे वहां अफरातफरी मच गई। हाथापाई के दौरान दरोगा शिशिर घायल हो गए। यह देख पुलिस ने लाठियां भांजकर लोगों को खदेड़ दिया। पुलिस ने कुछ लोगों को पकड़ लिया लेकिन महिलाओं ने पुलिस से सवाल जवाब कर सभी को छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने परिजनों के साथ शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया।
मौके पर एसडीएम सतीश त्रिपाठी व सीओ अजीत सिंह नवाबगंज व कुंडा थाने की पुलिस लेकर पहुंचे लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं था। दोपहर करीब दो बजे राजा भैया के प्रतिनिधि हरिओम शंकर श्रीवास्तव पहुंचे। परिवार के लोगों को समझाबुझाकर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। पिता को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। जिसके बाद परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए मानिकपुर राजघाट रवाना हुए।
एसडीएम कुंडा सतीश त्रिपाठी ने कहा कि परिजनों की मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। परिवार की मदद की जाएगी।
इनसेट-
पुलिस का विरोध देख महिलाओं ने संभाला मोर्चा
विद्युत उपकेंद्र तक शव लेकर जाने से रोकने पर पुलिस पुरुषों के साथ धक्कामुक्की कर भगाती रही। कई बार तो अर्थी गिरते-गिरते बची। यह देख महिलाओं ने मोर्चा संभाला। जिसके बाद पुलिस बैकफुट पर आ गई। महिलाएं शव नहर के किनारे रखकर बैठ गईं।
इनसेट-
साहब हमका इंसाफ चाही, ये सब कुछ नाही सुनत अहयं
अनिल के कंधों पर परिवार के खर्च की जिम्मेदारी थी। जनसत्ता दल के नेताओं के पहुंचने पर अनिल पटेल के पिता फूलचंद्र और पत्नी सुनीता कहते रहे कि साहब हमका इंसाफ चाही। पुलिस वालों की ओर इशारा करते हुए बोले कि ये सब कुछ नाही सुनत अहयं। मासूम बेटा अतिक्ष व तीन माह की बेटी प्राप्ति को कौन सहारा देगा। मां रामसखी बेटे के गम में रोते हुए बेहोश हो जाती थी। परिवार के लोगों ने अनिल के इलाज के लिए अपनी जमापूंजी लगा दी थी। फिर भी उसकी जान नहीं बची।
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