गांव में हुए विकास कार्यों में अनियमितता का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने तीसरे दिन सोमवार को भी ब्लाक में घेराव व प्रदर्शन किया। बीडीओ ने जांच के लिए 15 दिन की मोहलत मांगी। इस पर ग्रामीणों ने दो दिन का समय दिया। इस पर बात बिगड़ गई। इस पर बीडीओ ने पुलिस को बुला लिया।
उधर, बीडीओ के इस कार्य से नाराज लोगों ने सिर मुड़वाना शुरू कर दिया। हालांकि शाम को बीडीओ ने मंगलवार से तीन लोगों की जांच टीम बनाकर गांव भेजने की बात कही है।
बिहार विकास खंड के मलावां छजयीपुर गांव में विकास कार्यों में हुई अनियमितता को लेकर ग्रामीण ब्लाक में धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को फिर ग्रामीणों ने बाघराय बाजार में रैली निकाली और ब्लाक का घेराव करते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान ब्लाक कर्मियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की गई। ग्रामीणों का कहना है कि पात्रों को आवास व शौचालय का लाभ नहीं मिला है। शौचालय की स्थिति बद से बदतर है।
नाली-खड़ंजा आदि में भी अनियमितता का आरोप लगाया गया। सोमवार को बीडीओ राजेंद्र तिवारी ने 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से काफी देर बात की। उन्होंने 15 दिन का समय मांगा, लेकिन ग्रामीण दो दिन का वक्त दे रहे थे। इसको लेकर दोनों के बीच नोकझोंक हो गई। इस पर बीडीओ ने पुलिस को सूचना दे दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणेां को समझाया कि वह शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करें।
कार्यालय में तोडफ़ोड़ व धमकी नहीं दी जानी चाहिए। हालांकि ग्रामीणों ने उन्हें इसके लिए आश्वस्त किया। इसके बाद बीडीओ के इस कृत्य से नाराज ग्रामीणों ने ब्लाक में ही मुंडन कराना शुरू कर दिया। गांव के गिरिजाशंकर शुक्ल, सिद्धनाथ यादव, प्यारेलाल सरोज, ननकू राम सरोज, अशोक तिवारी ने सिर मुड़ाते हुए कहा कि जांच होने तक सिर पर बाल नहीं आने देंगे।
इसके साथ ही कहा कि वह अब बीडीओ से बात नहीं करेंगे। उधर, शाम को फिर बीडीओ ने ग्रामीणों से बात की और कहा कि वह अगले दिन जांच टीम भेज रहे हैं। लोग धरना खत्म कर दें। इस पर ग्रामीणों ने कहा कि वह जांच कराएं, धरना चलता रहेगा। कार्रवाई से संतुष्ट होने के बाद ही प्रदर्शन खत्म किया जाएगा।
हिार ब्लाक में भ्रष्टाचार के विरोध में मुंडन कराते मलावा छजईपुर के लोग।- फोटो : PRATAPGARH