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खुद चेतिए, हेलमेट पहनिए, जान बचाइए

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कचहरी के समीप बाइक पर बैठकर यात्रा करते चार लोग। - फोटो : PRATAPGARH
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खुद जागिए, हेलमेट पहनिए, जान बचाइए
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आठ माह में 1345 हादसे, हेलमेट न लगाने के कारण 186 ने गंवाई जान
दुर्घटनाओं में जा रही जान, यातायात माह में भी पुलिस लापरवाह
प्रतापगढ़। सड़क हादसों में जान गंवाने वालों में सबसे ज्यादा संख्या हेलमेट न पहनने वालों की है। यातायात पुलिस के आंकड़े इस बात की तस्दीक कर रहे हैं। हाल यह है कि जनवरी से अब तक 186 लोगों की मौतें केवल हेलमेट न लगाने के कारण सिर में आईं गंभीर चोटों के चलते हुई हैं। हादसों को रोकने के लिए शासन ने यातायात के नियमों को तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया। इसका भी लोगों पर असर नहीं दिख रहा है। यातायात माह में पुलिस भी पूरी तरह लापरवाह बनी है।
जिले में यातायात माह चल रहा है। विभाग के आंकड़ों की मानें तो जनवरी से अक्तूबर तक कुल 1345 दुर्घटनाएं घटित हुई हैं। जिसमे लोगों की जानें भी गई हैं। इन हादसों में 294 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसमें 186 लोगों की मौत सिर में आई चोटों के कारण हुई है। यदि लोग हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच सकती थी। यातायात नियमों की अनदेखी करने के कारण दुर्घटनाओं में उनकी जानें गई हैं। जिसमें एक साथ तीन लोगों की मौत भी हो चुकी है। यातायात विभाग के आंकड़े बताते हैं कि मरने वालों में से 47 फीसदी के आसपास 18 से 35 साल के उम्र वाले थे। चार पहिया वाहनों से सफर के दौरान सीट बेल्ट न लगाने पर जुर्माना अधिक लगाने का प्राविधान है। सड़क हादसों में कमी लाने के लिए सरकार ने बाइक चलाने वाले के साथ ही पीछे बैठने वालों को भी हेलमेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बावजूद लोग बिना हेलमेट लगाए बाइक व स्कूटी चलाकर अपनी जान खतरे में डाल रहे हैं। यातायात माह चल रहा है। इसके बावजूद यातायात पुलिस केवल चेकिंग तक ही सिमटी हुई है।
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एक साथ तीन युवकों की हो चुकी है मौत, होमगार्ड भी गंवा दी जान
यातायात के नियमों की अनदेखी करने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। पंद्रह दिन के भीतर करीब दस लोगों की जान जा चुकी है। मानधाता के विश्वनाथगंज मोड के करीब बाइक सवार बिना हेलमेट के शहर की ओर आ रहे थे। अचानक वह पीछे से डंपर से टकरा गए। दारापुर मदरसे के आलिम समेत तीन लोगों की मौत हो गई। वहीं दूसरी ओर दो दिन पहले नगर कोतवाली के पूरे ईश्वरनाथ निवासी होमगार्ड मनोज यादव भी हादसे का शिकार हो गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। कंधई के बनी तेरहमील के करीब बाइक सवार एसएसओ भी हादसे का शिकार हो गया।
- 294 मौतें जिले में जनवरी से अब तक सड़क हादसों में
- 186 मौतें सिर में गंभीर चोट लगने के कारण
- 1500 से अधिक लोग हो चुके हैं हादसों में घायल
यातायात नियमों के प्रति लोगों को किया जाएगा जागरूक
यातायात माह के दौरान लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए अभियान भी चल रहा है। पहले दिन गणमान्य लोगों के साथ गोष्ठी हो चुकी है। दो पहिया से सफर करने वाले उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है जो हेलमेट लगाकर नहीं चलते। सीट बेल्ट न लगाकर चलने वाले चार पहिया वाहन सवार लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। स्कूल कालेजों में यातायात के नियम की जानकारी दी जाएगी।
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चित्रकला प्रतियोगिता भी होगी
यातायात सुरक्षा के तहत कालेजों में चित्रकला प्रतियोगिता भी कराई जाएगी। जिसका शीर्षक यातायात सुरक्षा है। प्रतियोगिता के बारे में जानकारी देते हुए यातायात प्रभारी संतोष यादव ने बताया कि चूंकि हादसों में युवाओं की जान जा रही है। ऐसे में कालेजों में जाकर यातायात के नियमों की जानकारी देने के साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने के लिए नियमों का पालन करने का सुझाव देंगे।

सदर बाजार में बाइक पर ट्रिपलिग कर जाता युवक।- फोटो : PRATAPGARH

अम्बेडकर चौराहे पर बाइक से पूरे परिवार के साथ सफर करता युवक।- फोटो : PRATAPGARH

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