केंद सरकार का उद्देश्य गांव, किसान, मजदूर व बेरोजगारों का कल्याण करना है। खेती का विकास होना आवश्यक है। इसी से देश की उन्नति है। किसानों को अब मंहगे दामाें पर यूरिया खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसका उत्पादन ईरान में कर भारत इसको पचास प्रतिशत की छूट पर किसानों को उपलब्ध कराएगा। इसके लिए ईरान से करार हुआ है। भारत वहां यूरिया का प्लांट लगाने जा रहा है। बंगलादेश के साथ भी व्यापार के लिए करार हो चुका है।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रविवार को भुपियामऊ के पास एनएच के उद्घाटन के मौके पर आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक उन्नति किसानों की खुशहाली और व्यापार पर निर्भर है। देश में बढ़ रहे यूरिया के दामों पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार साल में यूरिया के दाम चार गुना बढ़ गए। यह किसानों के लिए भी चिंता का विषय है। महंगी यूरिया से देश के किसानों को निजात दिलाने के लिए भारत ने आपसी सहयोग के तहत ईरान की धरती पर यूरिया उत्पादन करने का फैसला लिया है।
इसके लिये ईरान के चाबहार में एक पोर्ट तैयार किया जा रहा है जो 18 महीने में बनकर तैयार हो जायेगा। उसके बाद भारत वहां पर यूरिया की फैक्ट्री खोलेगा। यूरिया के उत्पादन में ईरान ने बिजली दो डॉलर के दर से सस्ती देने का वादा किया है। जिससे करीब 145 लाख करोड़ की सब्सिडी नहीं देनी पडे़गी। साथ ही यूरिया सस्ते दामाें पर पचास प्रतिशत की छूट पर उपलब्ध होगी। बंगलादेश के साथ व्यापार शुरू करने पर जोर देते हुए कहा कि इसका रास्ता यूपी से होकर जायेगा और उसका केंद्र बिंदु होगा पीएम का क्षेत्र वाराणसी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूबे का माल वाराणसी के रास्ते बंगलादेश जायेगा।