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जिले में गहराया यूरिया का संकट

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Urea crisis deepens in district
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प्रतापगढ़ । जिले में यूरिया का संकट गहरा गया है। साधन सहकारी समितियों से सप्ताह भर से यूरिया नहीं है। फूलपुर स्थित इफ्को में अमोनिया गैस के रिसाव से दो अफसरों की मौत के बाद एक प्लांट के बंद होने से समस्या आ रही है। अफसरों का कहना है कि अभी कुछ दिन तक यूरिया का इंतजार करना होगा। जिला प्रशासन ने तीन रैक यूरिया के लिए शासन को पत्र लिखा है।
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रबी की फसलों के लिए यूरिया की मांग इन दिनों बढ़ गई है। साधन सहकारी समितियों पर सप्ताह भर से यूरिया नदारद है। किसान प्रतिदिन समितियों पर पहुंच रहे हैं, मगर उन्हें निराश लौटना पड़ रहा है। पीसीएफ के गोदाम में लगभग चार हजार मीट्रिक टन यूरिया रखी गई है, मगर यह यूरिया उन्हीं लोगों को मिल रही है, जिनकी पहुंच ऊपर तक है। जिले में 21,815 मीट्रिक टन यूरिया का लक्ष्य है। अभी तक जिला प्रशासन महज 14,013 मीट्रिक टन यूरिया मुहैया करा चुका है। जिसमें से लगभग 10 हजार मीट्रिक टन समितियों पर भेजने का दावा किया जा रहा है और लगभग चार हजार मीट्रिक टन अभी गोदाम में रखी हुई है। जिले में यूरिया इफ्को की फूलपुर इकाई से ही आती है। बीते दिनों अमोनिया गैस के रिसाव से दो अफसरों की जान चली गई। इससे यूरिया का उत्पादन करने वाली एक इकाई को बंद कर दिया गया है। इफ्को में पर्याप्त क्षमता से उत्पादन नहीं होने से जिले को मांग के अनुरूप यूरिया नहीं मिल पा रही है। जिला प्रशासन ने तीन रैक यूरिया मंगाने के लिए तीन दिन पहले शासन को पत्र लिखा, मगर अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं हुई है।
खुले बाजार में अधिक दाम पर बिक रही यूरिया
साधन सहकारी समितियों पर यूरिया की 45 किग्रा की बोरी के लिए 266.50 रुपये रेट निर्धारित किया गया है। जबकि खुले बाजार में 350-400 रुपये प्रति बोरी की बिक्री हो रही है। आश्चर्य की बात तो यह है कि समितियों पर एक दाना खाद नहीं है, वहीं खुले बाजार में यूरिया की कोई कमी नहीं है।
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अफसरों के दावे की निकल गई हवा
जिले के अफसर अभी तक जिले में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता का दावा कर रहे थे, मगर अब किसानों की शिकायतें आने लगीं तो वह यह कहकर बचाव कर रहे हैं, कि रैक आने वाली है। जल्द ही समस्या का निराकरण हो जाएगा।
पीसीएफ प्रबंधक ने बंद कर लिया फोन
जिले की साधन सहकारी समितियों को पीसीएफ से ही खाद भेजी जाती है। समितियों पर खाद खत्म होने से पीसीएफ मैनेजर के पास फोन कर किसान खाद आने की जानकारी ले रहे हैं। बार-बार फोन आने से परेशान प्रबंधक ने अपना मोबाइल ही स्विच ऑफ कर लिया। इसके बाद सचिव सीधे कार्यालय पहुंचने लगे हैं।
फूलपुर स्थित इफको में अमोनिया गैस के रिसाव से दो अफसरों की मौत के बाद यूरिया उत्पादन का एक प्लांट बंद हो गया है। इससे जिले को मांग के अनुरूप यूरिया नहीं मिल पा रही है। रैक मुहैया कराने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। रैक आती ही किसानों की समस्या का हल हो जाएगा। -अमित पांडेय, सहायक निबंधक, सहकारिता
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