जच्चा-बच्चा की मौत से नाराज घरवालों ने बुधवार देर रात जिला महिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि रानीगंज सीएचसी में डाक्टर नहीं मिलने से दोनों की मौत हुई है। उन्होंने इसकी शिकायत सीएमओ से की। सीएमओ ने मामले में जांच बैठा दी है।
रानीगंज थाना क्षेत्र के बसहा जामताली निवासी रेखा देवी (40) पत्नी गिरजाशंकर सरोज को बुुधवार दोपहर प्रसव पीड़ा होने पर परिजन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रानीगंज ले गए। घरवालों का आरोप है कि यहां डॉक्टरों ने हालत में सुधार होने की बात कहकर उसे घर भेज दिया। दोबारा हालत गंभीर होने पर परिजन देर शाम फिर रानीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर लेकर पहुंचे। यहां डाक्टर नहीं थे।
सिर्फ एक नर्स मौजूद थी। देर रात रेखा ने मृत बच्ची को जन्म दिया। प्रसव के बाद उसकी भी हालत बिगड़ गई। इस पर चिकित्सकों ने जिला महिला अस्पताल रेफर कर दिया। महिला अस्पताल से उसे प्रयागराज रेफर कर दिया गया। इस बीच रेखा देवी ने भी दम तोड़ दिया। इससे परिजनों में कोहराम मच गया। वह हंगामा करने लगे।
चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सीएमओ से शिकायत की। उनका कहना था कि रानीगंज सीएचसी में रात में चिकित्सक ही नहीं थे। महज एक नर्स मौजूद थी। समय रहते भर्ती कर इलाज यदि किया गया होता तो शायद जच्चा-बच्चा की मौत नहीं होती।
अधिक रक्तस्राव के चलते प्रसूता की गई जान
रानीगंज सीएचसी में तैनात स्टाफ नर्स ने बताया कि परिजन समय रहते यदि अस्पताल लेकर आए होते तो शायद बच्चे की जान बचाई जा सकती थी। उसने गर्भ में ही दम तोड़ दिया था। इसके बाद रेखा को अधिक रक्तस्राव होने लगा था। हालत बिगड़ने पर उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। स्टाफ नर्स ने बताया कि महिला पहले से ही खून की कमी से जूझ रही थी।
प्रसव पीड़िता का इलाज सीएचसी के चिकित्सक कर रहे थे। पेट के अंदर बच्चे की मौत हो गई थी। रक्तस्राव अधिक होने लगा तो उसे जिला महिला अस्पताल रेफर किया गया था। मौत की सूचना मिली है। रानीगंज और जिला महिला अस्पताल के चिकित्सकों का इसमें कोई दोष नहीं है।
डॉक्टर आनंद सिंह, सीएचसी अधीक्षक, रानीगंज।
डॉक्टरों की लापरवाही के चलते जच्चा और बच्चा की मौत की सूचना मिली है। इसकी जांच कराई जा रही है। रानीगंज या फिर महिला अस्पताल के जिस चिकित्सक य फिर नर्स की गलती पाई जाएगी उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ।