प्रगासपुर गांव निवासी जीतलाल वर्मा और रामसहाय वर्मा का घर आसपास ही है। रामसहाय का दूसरा बेटा शुभम (20) बारहवीं का छात्र था। पड़ोसी जीतलाल की पुत्री सुजाता (19) के साथ उसका प्रेम संबंध था। सुजाता बीए प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
लंबे समय से दोनों का एक-दूसरे से मिलना-जुलना था। दोनों शादी करना चाह रहे थे, लेकिन घरवालों को उनका रिश्ता पसंद नहीं था। करीब डेढ़ साल पहले दोनों के रिश्ते की जानकारी होने पर दोनों के घरवालों में विवाद हुआ था। तब से दोनों परिवारों में मनमुटाव चल रहा था।
परिजनों के एतराज के बाद भी शुभम औ सुजाता का रिश्ता खत्म नहीं हुआ। दोनों बातचीत करने के साथ ही अक्सर मिलते भी रहे। उनकी तमाम कोशिशों के बाद भी घरवाले शादी के लिए राजी नहीं थे। इससे परेशान होकर दोनों ने साथ जान देने की ठान ली।
गुरुवार की देर रात दोनों घर से थोड़ी दूरी पर स्थित बाग में पहुंचे और रस्सी का फंदा बनाकर आम के पेड़ से फांसी लगाकर जान दे दी। शुक्रवार सुबह जब गांव के लोग उधर गए तो दोनों के शव पेड़ से लटकते देखकर शोर मचाने लगे। घटना की जानकारी होने पर हड़कंप मच गया।
लोग भागकर मौके पर पहुंचे। खबर पाकर पुलिस भी आ गई। आसपास के लोगों और परिवारवालों से पूछताछ के बाद पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शवों को नीचे उतरवाया। इसके बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कंधई एसओ विपिन सिंह ने बताया कि दोनों के बीच प्रेम संबंध था। वह शादी करना चाहते थे, लेकिन घरवाले इसके लिए तैयार नहीं थे। इस पर दोनों ने फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।