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निष्पक्ष जांच और हत्यारों पर कार्रवाई नहीं हुई तो संसद में उठेगा मामला

Mon, 03 Jul 2017 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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प्रतापगढ़ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
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कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य प्रमोद तिवारी ने रविवार को संग्रामगढ़ इलाके के देवारा व भरतपुर गांव पहुंचकर बीते 26 जून को ऊंचाहार में सामूहिक हत्याकांड में मारे गए युवकों के परिजनों से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। तिवारी सबसे पहले मृतक पूर्व प्रधान रोहित शुक्ल के घर पहुंचे। उनके पहुंचते ही स्व.रोहित के पिता व भाई लिपटकर रोने लगे। उनको ढांढस बंधाया और दुख की इस घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ पूरी ताकत से खड़े होने की बात कही। इसके साथ ही वह नारेंद्र शुकल उर्फ बच्चा, अनूप मिश्रा व भास्कर मिश्रा के परिजनों से भी मुलाकात कर उनके आंसू पोंछे।
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उन्होंने ग्रामीणाें व परिजनों से साफ कहा कि जघन्य हत्याकांड के शामिल आरोपियों को कठोर से कठोर सजा दिलाने तक वह चैन से नहीं बैठेंगे। संासद प्रमोद ने कहा कि रायबरेली प्रशासन ने सामूहिक हत्याकांड की घटना को गंभीरता से नहीं लिया, जिससे यह साबित होता है कि प्रदेश में भाजपा की रामराम का दावा करने वाली सरकार नही बल्कि यमराज का युग आ गया है। यहां का पुलिस प्रशासन हत्यारों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय घटना को हादसे का रूप देने में लगा रहा। उन्होंने कहा कि ऊंचाहार के इटौरा में पांच युवकाें को पीट पीटकर मार डाला गया और उनके हाथ पैर काटने के बाद हत्यारों ने शवों को सफारी कार में भरकर जला दिया। यह घटना क्रूरता की सबसे खौफनाक व घृणित कहानी कह रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था के मुद्दे पर प्रदेश सरकार का आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक नरसंहार से उत्तर प्रदेश की जनता का कानून व पुलिस से विश्वास उठ गया है।

ग्रामीणों व पीड़ित परिवाराें को सांसद ने बताया कि वह क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के साथ मिलकर शनिवार की शाम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलनक कानून के अनुसार दोषियाें को चिन्हित कर सजा दिलाई जाए।सांसद व विधायक की मांग पर सीएम ने सामूहिक नरसंहार के दौरान सभी पांचों मृतकों के परिवारों के आश्रिताें को पांच पाचं लाख रुपये की आर्थिक सहायता, घटना की आईजी से दस दिन के भीतर निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की निर्देश जारी किया है। मांग पूरी करने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ के प्रति सांसद प्रमोद व विधायक मोना ने आभार व्यक्त किया है।
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तिवारी ने ग्रामीणों के सामने ऐलान किया कि घटना की जांच में रायबरेली के पुलिस प्रशासन ने कोई भी लापरवाही दिखाई और हत्यारों पर कार्रवाई में ढिलाई बरती तो वह स्वयं संसद व विधायक मोना विधानसभा में इस सामूहिक हत्याकांड का मुद्दा पूरे जोर शोर से उठाएंगी। तिवारी ने घटना में मारे गए युवकों के परिजनों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता व आवास तथा रोहित के परिजनों को शस्त्र लाइसेंस व सुरक्षा दिलाए जाने के लिए अफसरों से बात करने का भरोसा भी दिया। इस मौके पर सांसद प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञानप्रकाश शुक्ल, आशीष तिवारी, लालजी यादव, डॉ.नन्हेलाल, भुवनेश्वर शुक्ल, रवींद्र मिश्र, सुनील तिवारी आदि मौजूद रहे।
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