गांव में अभी भी चूल्हे पर खाना बनाने वाली महिलाओं के लिए खुशखबरी है। उन्हें जुलाई माह में मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना को एक बार फिर प्रारंभ करने का फैसला लिया है। इसमें उन परिवारों को योजना का लाभ मिलेगा, जो अभी तक योजना के लाभ से वंचित हैं।
जिले के 1193 गांवों में अभी भी ऐसे गरीब परिवार हैं, जहां महिलाएं चूल्हे पर रोटी बना रही है।केंद्र सरकार ने इन महिलाओं को राहत देने के लिए एक बार फिर प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना प्रारंभ हो रही है। योजना में कोई बदलाव नहीं किया गया है। महिलाओं के नाम ही गैस कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए उनके पास आधारकार्ड और राशनकार्ड होना अनिवार्य है। जिले में 1,36,213 को पहले ही उज्ज्वला गैस योजना के तहत कनेक्शन दिया जा चुका है।
महिलाओं को कनेक्शन लेने के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा। उन्हें भरा हुआ गैस सिलेंडर, चूल्हा, रेगुलेटर, पाइप पहली बार में दी जाएगी। इसके बाद वह अपनी आवश्यकता के अनुरूप सिलेंडर को रिफिल करा सकेंगे। केंद्र सरकार के इस फैसले से उन परिवारों को लाभ मिलेगा, जो पिछली बार लेने से वंचित हो गए थे। विभागीय अधिकारियों की मानें तो अभी जिले में लगभग 73,000 गरीब परिवार ऐसे हैं, जिनके यहां चूल्हे पर रोटी बनती है।
इच्छुक लाभार्थी निकट की एजेंसी पर करें आवेदन
प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत पात्र लाभार्थी निकट की गैस एजेंसियों पर आवेदन करना प्रारंभ कर दें। जुलाई माह में योजना का शुभारंभ होते ही मुफ्त कनेक्शन बांटना प्रारंभ हो जाएगा।
पहले से कनेक्शन, तो नहीं मिलेगा लाभ
अगर किसी लाभार्थी ने पहले से अपने नाम कनेक्शन ले रखा है, तो उसे दूसरा कनेक्शन नहीं मिलेगा। इसीलिए आवेदकों से पहले आधारकार्ड और राशनकार्ड लिया जा रहा है। अगर देश के किसी हिस्से में लाभार्थी के नाम कनेक्शन होगा, तो कंप्यूटर में नाम डालते ही बता देगा।
जिले में प्रधानमंत्री उज्जवला गैस योजना दूसरी बार प्रारंभ हो रही है। पात्र महिलाएं निकट की गैस एजेंसी पर मुफ्त कनेक्शन लेने के लिए आवेदन कर सकती है। जुलाई में मुफ्त कनेक्शन वितरण का कार्य प्रारंभ होगा।
-नमन यादव, सेल्स ऑफीसर, इंडियन ऑयल