मोहर्रम के दिन हनुमान मंदिर पर भंडारा और केसरिया झंडे लगाने को लेकर प्रशासन से हुए विवाद के बाद पूर्व मंत्री राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने और धारा 144 के उल्लंघन का मुकदमा दर्ज होने के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। बुधवार को इसकी जानकारी होने के बाद बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने के लिए भदरी किला पहुंचे। उनसे मिलने वालों में समर्थकों के साथ बड़ी संख्या में युवा भी थे।
उदय प्रताप सिंह की हिंदूवादी छवि है।
हालांकि उनका जुड़ाव न तो किसी दल से है और न ही वह राजनीति से कोई मतलब रखते हैं। इसके बाद भी वह इलाके के लोगों में खासे लोकप्रिय हैं। यही कारण है कि मोहर्रम के दिन होने वाले भंडारे की सूचना न होने के बाद भी भारी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने का प्रयास करते हैं। वह तो इस इलाके को पुलिस द्वारा सील किए जाने की वजह से लोग मौके पर नहीं पहुंच पाते। इस बात को पुलिस भी जानती है। इसके चलते ही भारी पुलिस फोर्स लगाने के साथ ही उन्हें नजरबंद किया जाता है।
2016 में पहली बार नजरबंद की कार्रवाई के दौरान ही समर्थकों ने पुलिस पर पथराव कर दिया था। हालांकि बाद में उदय प्रताप सिंह ने लोगों को कानून का सम्मान करने की सीख देते हुए दोबारा इस तरह की हरकत न करने की नसीहत दी थी। अब मुकदमा दर्ज होने की खबर से उनके समर्थकों में फिर आक्रोश नजर आ रहा है।
कुंडा बाजार खुला, मंदिर पर सन्नाटा
मंगलवार को बंदी के बाद बुधवार की सुबह बाजार गुलजार हो गया। आम दिनों की तरह लोगों ने दुकानें खोलीं। उधर, शेखपुर में हनुमान मंदिर के पास सन्नाटा रहा। वहां पुलिस की पिकेट के रूप में दो सिपाहियों की तैनाती है। मोहर्रम के दिन लगी भारी पुलिस फोर्स देर शाम को हटा ली गई थी। इसके चलते वहां सन्नाटा पसरा रहा।
कुंडा कस्बे में मंगलवार को बंदी गई थी। जगह-जगह भंडारे को रोके जाने और झंडा हटवाने के विरोध में पोस्टर चिपकाए गए थे। इसके चलते कुंडा कस्बा मंगलवार को पूरी तरह से बंद रहा। ताजिए के दौरान भी वह भीड़ रोड पर नहीं दिखी जो आम दिनों में दिखती थी। फिलहाल पूरे दिन बंदी के बाद बुधवार को सुबह से ही दुकानें खुल गईं और सबकुछ सामान्य रहा।
हालांकि जगह-जगह शेखपुर में होने वाले भंडारे को लेकर चर्चा जरूर रही। उधर शेखपुर हनुमान मंदिर के पास लगी फोर्स हटा ली गई है। एहतियातन मौके पर दो सिपाहियों की पिकेट लगा दी गई है। इसके चलते वहां सन्नाटा पसरा हुआ है।
धारा 144 लागू होने के चलते वहां लोग जाने से भी कतरा रहे हैं। फिलहाल 12 सितंबर तक के लिए एहतियातन धारा 144 लागू की गई है। पिछली बार मोहर्रम के लिए अगले दिन उदय प्रताप ङ्क्षसह ने भंडारा किया था। इसके साथ ही जुलूस भी निकाला था लेकिन इस बार धारा 144 होने की वजह से इस तरह का कोई प्रयास नहीं किया गया।