फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रशासन से पहले भी हो चुका है उदय प्रताप का टकराव

विज्ञापन
राजा उदय प्रताप सिंह। - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
पूर्व कैबिनेट मंत्री रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया के पिता उदय प्रताप सिंह का शासन और प्रशासन से पहले भी टकराव हो चुका है। वर्ष 2002 में बसपा शासनकाल में राजाभैया के साथ राजनीतिक लड़ाई के चलते उदय प्रताप सिंह को भी जेल जाना पड़ा था। भदरी किले से एके 56 की बरामदगी के आरोप में उन पर पोटा कानून के तहत कार्रवाई हुई थी।
विज्ञापन

वह बाद में पोटा से बरी हुए और एके 56 रखने के मामले में भी उन्हें जमानत मिल गई। राजाभैया के राजनीति में आने के पहले भी उन पर कई मुकदमे दर्ज हुए। कुछ में वह बरी हुए तो कुछ मुकदमों को सरकार ने वापस ले लिया।
बसपा शासनकाल में उदय प्रताप सिंह को जेल जाना पड़ा था। उनके विधायक पुत्र रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया की सरकार बनाने और गिराने को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती के साथ ठन गई थी। इस राजनीतिक लड़ाई में उदय प्रताप सिंह भी पिस गए। उस समय राजाभैया के साथ ही एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह गोपालजी व उदय प्रताप सिंह को भी जेल जाना पड़ा। पुलिस ने उन पर एके 56 रखने के आरोप में पोटा लगाया थ। इस दौरान भदरी किले से खजाना भी जब्त कर लिया गया था।
विज्ञापन

इसका मुकदमा जबलपुर हाईकोर्ट में चला था। मुकदमे में रघुराज प्रताप सिंह राजाभैया, अक्षय प्रताप ङ्क्षसह गोपालजी व उदयप्रताप सिंह को पोटा से मुक्ति मिल गई। एके 56 रखने के मामले में उदय प्रताप को पांच वर्ष की सजा हुई थी, लेकिन तुरंत जमानत भी मिल गई। हालांकि तमाम तरह की दिक्कतों के बाद भी उदय प्रताप शासन के सामने नहीं झुके।
लोगों के अनुसार युवा अवस्था में भी उदय प्रताप पर कई मुकदमे दर्ज हुए थे। बाद में या तो वह इन आरोपों से बरी हो गए या फिर उन्हें सरकार ने केस वापस ले लिया। इस समय एके 56 रखने के आरोप में उन पर मुकदमा विचाराधीन है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें