मृतक सुनील कुमार साहू के पिता की दो आटा चक्की है। एक चक्की को सुनील स्वयं चलाता था। आमदनी बढ़ाने और खर्च कम करने के लिए उसने दुकान की छत पर सौर ऊर्जा का पैनल लगवाया था। वह माता पिता का अकेला था, जबकि तीन बहनों में एक बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। दो छोटी बहनें हैं, जिनकी शादी नही हुई है। मां श्यामा देवी इकलौते बेटे की मौत से अचेतावस्था में सुध बुध खो बैठी हैं।
उधर दूसरी तरफ इनके साथी संजय वर्मा (24) पुत्र उमाशंकर वर्मा की उपचार के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। संजय तीन भाइयों में बीच का था। वह हलवाई का काम कर परिवार चलाता था। उसकी मां ऊषा देवी गृहणी होकर मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करती है। तीसरे साथी मनीष वर्मा उर्फ कुंदन चंदन की हालत गंभीर बनी हुई है। उसके पिता राम आसरे की मौत पंद्रह साल पहले आम के पेड़ से गिर कर मौत हो चुकी है, जो राजमिस्त्री का काम करते थे। वह भी सुनील की आटा चक्की पर काम करता था। पोस्टमार्टम के बाद दोनों शवों को जब गांव में लाया गया तो कोहराम मच गया।