फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालाब में नहाते समय डूबने से दो लोगों की मौत

विज्ञापन
Two people drowned while taking a bath in a pond - फोटो : PRATAPGARH
विज्ञापन
कुंडा इलाके में सोमवार सुबह तालाब में नहाते समय डूबने से दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो बच्चे बाल-बाल बच गए। मृतकों में एक युवक और एक बालक शामिल है। घटना की जानकारी होने पर परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन

कोतवाली क्षेत्र के फरेंदूपुर के तीन बालक व एक युवक मोहल्ले के बगल बने छोटे से तालाब में सोमवार की सुबह नहाने के लिए गए थे। तालाब से जेसीबी से मिट्टी निकाली गई थी। इसके चलते वह गहरा हो गया था। बारिश के बाद तालाब पूरी तरह पानी से भरा हुआ था। नहाने के दौरान मो.कासिम (10) पुत्र मो.जलील गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा ।
उसे डूबते देख मो.शव्मीम (18) पुत्र मो.नसीम बचाने के लिए लपका। उसने जैसे ही कासिम की गर्दन पकड़ी कि वह भी गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। यह देख साथ में नहा रहे साहिल (10) पुत्र नफीस व उवैश (10) पुत्र शगुड्डू शोर मचाने लगे। इस पर आसपास के लोग दौड़े। जानकारी होने पर उनके परिजन भी मौके पर पहुंचे और दोनों को बाहर निकाला गया।
विज्ञापन

इसके बाद दोनों को कुंडा सीएचसी ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना से परिजनों में चीखपुकार मच गई। सूचना पर पुलिस के साथ ही तहसीलदार भी अस्पताल आ पहुंचे। पुलिस शवों को कोतवाली ले आई। इसके बाद दोनेां शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
बारिश के मौसम में जेसीबी से बने तालाबों में होते हैं हादसे
बरसात आते ही तालाब, छोटी नदियों और नालों में नहाने वाले लोगों की मौतों का सिलसिला शुरू हो जाता है। इसका कारण गर्मी में चली जेसीबी होती है। तालाब, नदियों की खोदाई गर्मी में जेसीबी से होती है। इसी पर सरकारी योजनाएं फलित होती हैं।
पैसे निकल जाते हैं और बंट भी जाते हैं। बरसात आने पर इसमें जब पानी भर जाता है तो नहाने के दौरान अनजान लोग इसमें अपनी बजान गवां बैठते हैं। ऐसा ही कुछ फरेंदूपुर मोहल्ले में हुआ है। यहां तालाब में जेसीबी से खुदाई के कारण गड्ढा बन गया था।
कुंडा कोतवाली क्षेत्र के फरेंदूपुर मोहल्ले में यह तालाब कम बंधा बनाया गया था। इसमें बरसात का पानी भर गया था। इसके चलते बच्चे इसमें नहाने गए थे। यह ज्यादा बड़ा भी नहीं है। जेसीबी से इसकी खोदाई होने के चलते इसमें गड्ढा बन गया था। इस गड्ढे के बारे में बच्चे समझ नहीं पाए थे। यही कारण था कि नहाने के दौरान मो.कासिम गहरे पानी में चला गया। इसके बाद उसे बचाने के लिए जब मो.शमीम (18) गया तो वह भी डूब गया।
जमीन के विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट
बाबागंज (संवाद)। जमीन के विवाद में दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे और पत्थर चले। इससे आधा दर्जन लोग घायल हो गए। महेशगंज थाना क्षेत्र के ा गांव में रविवार शाम को जमीन विवाद में जमकर पत्थर और लाठी-डंडे चले। इसमें प्रकाश (22) पुत्र मुनेश्वर, मीना (18) पुत्री मुनेश्वर, बबलू (26) पुत्र पूरन, पूरन (30) पुत्र द्वारिका प्रसाद, अंकित (16) को चोटें आईं। दूसरे पक्ष के भी एक-दो लोगों को चोटें आर्इं। सभी घायलों को महेशगंज पुलिस ने सीएचसी में भर्ती कराया। दोनों पक्षों की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पूर्व प्रधान ने मनरेगा मेठ को तीसरी बार पीटा
संग्रामगढ़ थाना क्षेत्र के मालाधर छत्ता गोपालपुर गांव निवासी जीतलाल सरोज पुत्र गयादीन मनरेगा का कार्य मेठ के रूप में देखता है। पूर्व प्रधान और वर्तमान प्रधान में रंजिश के कारण वह लगातार पिट रहा है। बीते 24 जून को पूर्व प्रधान सुबेदार पटेल तथा उनके पुत्रों ने उसकी पिटाई की थी। इसकी शिकायत पीड़ित ने संग्रामगढ़ पुलिस से की थी। कोई कार्रवाई ना होने के बाद पूर्व प्रधान ने 12 जुलाई की शाम मेठ को घर जाते समय दोबारा गाली गलौजकरते हुए मारा पीटा। पीड़ित ने संग्रामगढ़ पुलिस को तहरीर दी है। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस सत्ता पक्ष के दबाव में कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।
सर्पदंश से किशोरी की मौत
सर्पदंश से किशोरी की मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मच गया। थाना क्षेत्र के रोर गांव निवासी बबलू धुरिया की बेटी सलोनी (13) घर के अंदर सफाई कर रही थी। इसी बीच कच्चे घर की दीवार में हुए छेद को वह मिट्टी से बंद करने लगी। इस दौरान वहां मौजूद सांप ने उसे डस लिया। परिजन उसे सीएचसी बाघराय ले गए, जहां डॉक्टरों ने प्रारंभिक इलाज के बाद सलोनी को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। जिला चिकित्सालय पहुंचने के पहले ही सलोनी की सांसें थम गईं। किशोरी की मौत होने पर परिजनों में चीखपुकार मच गई। पिता बबलू धुरिया, माता सविता देवी, भाई सौरभ, बहन साक्षी, सौम्या, सुभानी का रो-रो कर बुरा हाल है।
ढाई सौ मीटर के दायरे में सील किया गया मलावा छजईपुर गांव
कोरोना का मरीज मिलने के बाद छजईपुर गांव को सीज करने के साथ ही परिजनों सहित अन्य लोगों की सैंपलिंग कराई गई। इसके साथ ही पूरे गांव का सैनिटाइजेशन कराते हुए दवाअेां का छिड़काव कराया गया।
बाघराय के मलावाछजयीपुर गांव निवासी एक युवक अपनी पत्नी के साथ बिजनेस के
सिलसिले में दिल्ली में रहते थे। बीते दो जुलाई को वह अपने गांव आ गए। सात जुलाई को सीएचसी बाबागंज में उनकी पत्नी ने कोरोना की सैंपलिंग कराई। 12 जुलाई को उसकी रिपोर्ट पाजिटिव आ गई। इसकी जानकारी पर गांव में हड़कंप मच गया। सीएचसी अधीक्षक डा. शबीव हैदर ने गांव पहुचकर उसे लालगंज चिकितसालय भेजवाया। इसके साथ ही पूरे गांव को सैनिटाइज कराया। सोमवार को फिर से सीएचसी अधीक्षक के नेतृत्व में स्वास्थ्य टीम गांव पहुंची। गांव के कुल 34 घरों के 177 लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई गई। 42 लोगों की सैंपलिंग की गई। इसमें पाजिटिव आए मरीज के परिजन भी शामिल हैं। उधर क्षेत्रीय लेखपाल कृष्ण कुमार त्रिपाठी, राजस्व निरीक्षक यमुना प्रसाद यादव ने गांव को 250 मीटर की परिधि में सील करा दिया।

Two people drowned while taking a bath in a pond- फोटो : PRATAPGARH

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें