बिहार से पांच सौ और दो सौ रुपये के जाली नोट लाकर उन्हें यहां खपाया जा रहा है। संग्रामगढ़ पुलिस ने नकली नोट चलाने वाले ऐसे ही एक गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से पांच सौ के दो और दो सौ रुपये का एक जाली नोट बरामद किया गया है।
पकड़े गए लोग बाजार में अब तक 15 हजार रुपये के जाली नोट खपा चुके हैं। उनसे पूछताछ के दौरान गिरोह के दो और सदस्यों के नाम सामने आए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
जिले में पांच सौ व दो सौ रुपये के नकली नोट दुकानों पर खपाए जा रहे थे। बुधवार को अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी दिनेश कुमार दुबे ने लालगंज कोतवाली में घटना का खुलासा करते हुए बताया कि मुखबिर की सूचना पर संग्रामगढ़ पुलिस ने बंधवा तिराहे से दो लोगों को गिरफ्तार किया। उनके पास से अवैध तमंचा और 17 सौ रुपये के जाली नोट बरामद हुए। दो नोट पांच-पांच सौ के जबकि एक नोट दो सौ रुपये का है।
आरोपियों की पहचान बृजेंद्र कुमार यादव पुत्र दानपाल निवासी ओझा का पुरवा पुरमई जिला सुल्तानपुर व मो. तालिब पुत्र अब्दुल कादिर निवासी सलोन जनपद रायबरेली के रूप में हुई। उन्होंने बताया कि दोनों बाजार में अब 15 हजार रुपये के जाली नोट खपा चुके हैं। आरोपियों से पूछताछ के दौरान पता चला कि गिरोह में दो अन्य अरविंद यादव व उदयराज भी शामिल हैं।
एएसपी पश्चिमी ने बताया कि तालिब ने कुछ दिनों पहले अरविंद यादव को एक लाख रुपये दिए थे। जिसके बाद अरविंद ने उसे तीन गुना कर तीन लाख रुपये लौटाने की बात कही थी। तालिब व बृजेंद्र कुछ दिनों बाद अरविंद व उसके साथी उदयराज को लेकर बिहार गए और वहां से जाली नोट ले आए।
बिहार से लाए गए नकली नोटों में से पंद्रह हजार रुपये वह बाजार में खपा चुके हैं। बिहार से कुल कितने रुपये के जाली नोट लाए गए थे, इसके बारे में अरविंद और उदयराज को ही पता है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
पकड़े गए दोनों लोगों के पास से एक तमंचा भी बरामद हुआ है। आरोपियों के खिलाफ संग्रामगढ़ थाने में सरकारी मुद्रा में क्षति पहुंचाने व आर्म्स एक्ट के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।