शहर की पथ प्रकाश व्यवस्था पटरी से उतर गई है। नगर पालिका की 250 के करीब लाइटें खराब हैं। इससे शहर की गलियों में अंधेरा पसरा रहता है। एलईडी लगाने और रखरखाव करने वाली कंपनी को पांच साल तक खराबी दूर करने की जिम्मेदारी दी गई है। अभी नए वार्डों की प्रमुख सड़कों पर प्रकाश की व्यवस्था नहीं हो सकी है।
शहर की प्रकाश व्यवस्था सुधारने और बिजली बचाने के लिए सरकार ने एलईडी लाइट लगाने के निर्देश दिए थे। जिससे बिजली की कम खपत के साथ ही शहर को दूधिया रोशनी से रोशन किया जा सके। पूरे शहर में नगर पालिका द्वारा 3500 से अधिक एलईडी तीन कंपनियों की लगवाई गई है।
शहर में 45 स्थानों पर हाईमास्ट लगाए गए हैं। बिजली बिल का भुगतान नगर पालिका द्वारा किया जाता है। देखभाल के लिए कंपनी को पांच साल की जिम्मेदारी भी दी गई है। बिजली के पोल के ऊपर उचित स्थानों पर लाइट न लगने और खराबी की शिकायतें लगातार मिलती रहती हैं।
शहर के अस्पताल वार्ड, अजीत नगर, पड़ाव वार्ड, पटखौली, पूर्वी सहोदरपुर, बलीपुर, विवेक नगर, तहसील वार्ड, पल्टन बाजार, टक्करगंज में बिजली के खंभों पर लगीं करीब 250 एलईडी लाइटें खराब हैं। इसके अलावा भी बहुत सी लाइटें खराब हैं। जिनके बारे में पालिका की पथ प्रकाश की व्यवस्था दुरुस्त करने वाली टीम को जानकारी ही नहीं है।
लाइटें खराब होने के कारण सड़कों के साथ ही गलियों में रात के समय अंधेरा पसरा रहता है। कई स्थानों पर शिकायत के बाद कर्मचारी लाइट ठीक करने पहुंचते हैं, लेकिन उनके पास कोई सामान नहीं रहता है। नए वार्डों की हालत और खराब है। यहां मुख्य मार्गों पर ही अंधेरा पसरा रहता है। फिलहाल, अभी नए मोहल्लों में प्रकाश व्यवस्था की शुरुआत नहीं हो सकी है।